आदर्श ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को दिए गये निर्देश

समस्तीपुर : प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत संचालित आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने की। कार्यशाला में आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों के समग्र एवं समावेशी विकास, ग्राम विकास योजनाओं (वीडीपी) की समीक्षा तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
डीडीसी ने कहा कि आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण करना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, आवास, कौशल विकास, आजीविका एवं सामाजिक सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने पदाधिकारियों को चयनित गांवों की जरूरतों का वास्तविक आकलन कर ग्राम विकास योजना तैयार करने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं का अधिकतम अभिसरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही योजनाओं की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन पर विशेष बल दिया गया। कार्यशाला में आदर्श ग्राम योजना के विभिन्न प्रावधानों, ग्राम विकास योजना के निर्माण, पोर्टल पर डाटा प्रविष्टि, प्रगति प्रतिवेदन, निगरानी व्यवस्था तथा विभागीय अभिसरण से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने समन्वित प्रयासों से चयनित गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।




