समस्तीपुर : साथ पकड़े गए प्रेमी-प्रेमिका की ग्रामीणों ने कराई शादी, लड़के के माता-पिता ने नाबालिग बताकर ठुकराया

समस्तीपुर/शिवाजीनगर : समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर प्रखंड के बल्लीपुर वार्ड संख्या-2 में प्रेम-प्रसंग का एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के लोगों ने 30 जून को एक युवक और युवती को साथ पकड़ा। दोनों को पहले हथौड़ी थाना ले जाया गया, जहां पुलिस ने समझाइश के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बाद में ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों की सहमति से मंदिर में शादी करा दी गई। हालांकि, युवक के परिजनों ने दोनों की उम्र कम बताते हुए इस विवाह को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बल्लीपुर वार्ड संख्या-2 निवासी टिलो दास की पुत्री आरती कुमारी और बल्लीपुर दक्षिणवारी टोला निवासी बिल्टू कमती के पुत्र सुंदरम कुमार के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बताया जाता है कि दोनों की मुलाकात गांव के एक विद्यालय में पढ़ाई के दौरान हुई थी और वहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
ग्रामीणों ने 30 जून को दोनों को एक साथ पकड़ लिया था और हथौड़ी थाना ले गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों और गांव के लोगों को बुलाकर समझाया तथा आवश्यक पूछताछ के बाद युवक-युवती को उनके परिजनों के हवाले कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, थाना से लौटने के बाद गांव के कुछ बुद्धिजीवियों और दोनों की आपसी सहमति से गांव के मंदिर में उनका विवाह संपन्न कराया गया। शादी के बाद सुंदरम, आरती को अपने घर लेकर पहुंचा, लेकिन उसके माता-पिता ने दोनों की उम्र कम होने का हवाला देते हुए विवाह स्वीकार करने से इनकार कर दिया और दोनों को घर से बाहर कर दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस बीच सुंदरम के पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह दावा कर रहा हैं कि उनके नाबालिग बेटे की गांव के लोगों ने जबरन शादी करा दी है। दूसरी ओर, गांव के कुछ लोगों का कहना है कि यदि दोनों नाबालिग थे, तो समाज ने किसी अन्य से नहीं, बल्कि दोनों की आपसी सहमति के आधार पर ही विवाह कराया था। इधर आरती के माता-पिता का कहना है कि थाना से छोड़े जाने के बाद समाज के लोगों ने दोनों की शादी कराई थी, लेकिन बाद में सुंदरम के परिवार ने उनकी बेटी को अपनाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि फिलहाल दोनों कहां हैं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

इस संबंध में हथौड़ी थाने की पुलिस ने बताया कि पुलिस ने दोनों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कोई लिखित आवेदन मिलता है, तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नाबालिग होने के दावे, सामाजिक विवाह और कानूनी प्रक्रिया को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।



