सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले सॉल्वर गैंग पर समस्तीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ चार गिरफ्तार

समस्तीपुर : मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा में कदाचार कराने की बड़ी साजिश को समस्तीपुर पुलिस ने परीक्षा से एक दिन पूर्व ही विफल कर दिया। इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर जिला डीआईयू एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार सॉल्वर गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन तथा अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बेगूसराय जिले के गढ़पुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हारसो वार्ड-6 निवासी जीवछ झा के पुत्र अमित कुमार (25), बिथान थाना क्षेत्र के मलिकाही वार्ड-6 निवासी उमाकांत यादव के पुत्र दीपक कुमार (36), खानपुर थाना क्षेत्र के मनवारा वार्ड-10 निवासी शिवजी सहनी के पुत्र पंकज कुमार सहनी (34) तथा बेगूसराय के गढ़पुरा थाना क्षेत्र निवासी रामनंदन साह के पुत्र नितिश कुमार के रूप में की गई है।
पुलिस ने इनके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल, तीन कीपैड मोबाइल, चार टू-साइडेड जीएसएम स्किन बॉक्स, तीन वाई-फाई डिवाइस, नौ सिल्वर ऑक्साइड बैटरियां, दो स्क्रू ड्राइवर, एक टेस्टर, एक चाकू, एक वॉकी-टॉकी, तीन चार्जर, पांच कार्ड फोन, दो चार्जिंग केबल, काले टेप से ढका इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मास्क में छिपाया गया इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तथा छह सिम ऑपरेटेड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस समेत कई दस्तावेज बरामद किए हैं।

मुफस्सिल थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में सदर एसडीपीओ-1 सह एएसपी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि 14 जून को केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा मद्य निषेध विभाग, मंडल कारा तथा परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही के पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा से पूर्व बेगूसराय पुलिस के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ सॉल्वर गैंग परीक्षा में कदाचार की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के बाद एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और 13 जून की रात लगातार छापेमारी कर चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। एएसपी ने बताया कि समय रहते की गई कार्रवाई के कारण जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि बरामद डिवाइस और अन्य सामग्री की तकनीकी जांच की जा रही है तथा मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

तीन से चार लाख रुपये में होती थी डील :
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस उपलब्ध कराए जाते थे, जिसके माध्यम से परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नों के उत्तर बाहर बैठे गिरोह के सदस्य भेजते थे। इसके एवज में अभ्यर्थियों से तीन से चार लाख रुपये तक की वसूली की जाती थी। बरामद ब्लूटूथ डिवाइस की रेंज करीब 400 मीटर बताई जा रही है, जिससे आसानी से उत्तर पहुंचाए जा सकते थे।

कैमरामैन के जरिए पेपर बाहर भेजने की थी योजना :
एएसपी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि गिरोह की योजना परीक्षा केंद्रों पर मौजूद कैमरामैन के माध्यम से प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर भेजने की थी। बाहर मौजूद सॉल्वर गैंग के सदस्य प्रश्नों को हल कर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए परीक्षा केंद्र के अंदर मौजूद अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाते। हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया और परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश को विफल कर दिया।
यहां देखें वीडियों :
कैमरामैन के जरिए पेपर बाहर लाने की थी साजिश, सिपाही और कक्षपाल भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश; कई डिवाइस बरामद pic.twitter.com/BOj7vy5XEa
— Samastipur Town (@samastipurtown) June 14, 2026


