पूसा स्थित बर्फ फैक्ट्री में बिजली चोरी का मामला उजागर, 42.85 लाख रुपये की राजस्व क्षति

समस्तीपुर : उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) की विशेष छापेमारी टीम ने पूसा क्षेत्र स्थित एक बर्फ निर्माण फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खुलासा किया है। जांच में बिजली मीटर को बाईपास कर औद्योगिक उपयोग के लिए अवैध रूप से विद्युत ऊर्जा की खपत किए जाने का मामला सामने आया है। इस अनियमितता से विभाग को करीब 42.85 लाख रुपये की राजस्व क्षति हुई है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ मुख्यालय द्वारा डिजिटल सर्विलांस और तकनीकी विश्लेषण के दौरान फैक्ट्री की बिजली खपत और मीटर रिकॉर्ड में असामान्यता पाई गई थी। इसके बाद एसटीएफ मुख्यालय, समस्तीपुर और विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन कर छापेमारी की गई।
गुरुवार सुबह करीब पांच बजे टीम ने संबंधित औद्योगिक परिसर में छापा मारा। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री संचालित अवस्था में मिली, जबकि मीटर के आउटपुट पर विद्युत धारा लगभग शून्य दर्ज हो रही थी। विस्तृत जांच में पता चला कि मीटर के इनपुट तार को बाईपास कर लगभग 80 केवीए विद्युत भार का उपयोग किया जा रहा था, जिससे बिजली चोरी की जा रही थी।

छापेमारी दल में एसटीएफ मुख्यालय के विद्युत कार्यपालक अभियंता संजय कुमार सिंह, एसटीएफ समस्तीपुर के विद्युत कार्यपालक अभियंता मदन कुमार, विद्युत आपूर्ति समस्तीपुर के कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार सहित अन्य विद्युत पदाधिकारी एवं तकनीकी कर्मी शामिल थे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी के कारण एनबीपीडीसीएल को 42 लाख 85 हजार 775 रुपये की राजस्व क्षति हुई है। मामले में संबंधित उपभोक्ता के विरुद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 समेत अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनबीपीडीसीएल ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के विरुद्ध डिजिटल निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और विशेष छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




