बिहार में बर्खास्त सिपाही और होमगार्ड जवानों का गैंग फर्जी एसटीएफ रेड डाल कर लूट रही थी, 5 अरेस्ट

बिहार के मोतिहारी जिले में पुलिस ने फर्जी एसटीएफ बनकर लूट और ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का खुलासा करते हुए बर्खास्त सिपाही समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में दो सेवानिवृत्त होमगार्ड जवान भी शामिल हैं। इसमें सक्रिय शातिर हाजीपुर और किशनगंज में भी सक्रिय हैं। मुफस्सिल थाना परिसर में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सदर-2 डीएसपी जितेश पाण्डेय ने बताया कि पुलिस ने 1.81 लाख रुपये नकद और तीन वाहन जब्त किए हैं। आरोपितों के पास से पुलिस वर्दी और उपकरण मिले हैं। कई जिलों में सक्रिय गिरोह के शातिर नोट डबलिंग के नाम पर लोगों को ठगता था और फर्जी छापेमारी कर रुपये लूट लेता था।
गिरोह का मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही लाल बहादुर राम है। वह सीवान के रघुनाथपुर का रहनेवाला है। उसे वर्ष 2022 में बर्खास्त किया गया था। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के पास से 1.81 लाख रुपये नकद, चार सेट पुलिस वर्दी, 4 टोपी, 3 बेल्ट, पुलिस स्टार, विसील कोड, 2 पुलिस बोर्ड, 4 पुलिस स्टिक, पुलिस आई-कार्ड, 8 कमान पत्र, एक स्कॉर्पियो, दो बोलेरो और एक बाइक बरामद की गई है।

कैसे काम करता था गिरोह?
पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि गिरोह मुख्य रूप से नोट डबलिंग का झांसा देकर लोगों को ठगता था। गिरोह के शातिर पीड़ितों को एक लाख के बदले तीन लाख रुपये देने का लालच देकर किसी सुनसान जगह बुलाते थे। जैसे ही पीड़ित रुपये लेकर पहुंचता था, बर्खास्त सिपाही लाल बहादुर राम अपने वर्दीधारी साथियों के साथ फर्जी छापेमारी कर देता था। टीम को असली एसटीएफ समझकर पीड़ित रुपये छोड़कर भाग जाता था।

प्रति छापेमारी मिलते थे 1500 रुपये
जांच में पता चला कि मास्टरमाइंड लाल बहादुर राम चुनाव ड्यूटी के दौरान संपर्क में आए होमगार्ड जवानों को सेवानिवृत्ति के बाद गिरोह में जोड़ता था। वह प्रति छापेमारी के लिए होमगार्ड जवानों को 1500 रुपये देता था। वह पूर्व में पूर्वी चंपारण के फेनहारा थाना में भी कार्य कर चुका है, जिसकी पहचान का उसने गलत फायदा उठाया। पुलिस कार्रवाई के बाद गिरोह के अन्य शातिरों और उनके द्वारा अंजाम दी गई वारदात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

सदर-2 डीएसपी जितेश पाण्डेय ने कहा क यह गिरोह पूर्वी चंपारण के रक्सौल, मुफस्सिल, कोटवा, पिपरा, हरसिद्धि समेत हाजीपुर और किशनगंज जैसे जिलों में सक्रिय था। हाल ही में इन्होंने मुफस्सिल क्षेत्र में एक व्यक्ति से 3.20 लाख रुपये की ठगी की थी। इनके पास से भारी मात्रा में पुलिसिया साजो-सामान मिले हैं।


