गैस किल्लत की अफवाहों के बीच समस्तीपुर में साइबर ठग हुए एक्टिव, फर्जी लिंक से LPG बुकिंग व डिलीवरी के नाम पर ठगी की कोशिश

समस्तीपुर : गैस की कथित किल्लत की अफवाहों के बीच साइबर ठगों ने नया एलपीजी बुकिंग स्कैम शुरू कर दिया है। मोबाइल पर फर्जी लिंक और तुरंत डिलीवरी का झांसा देकर लोगों से एडवांस पेमेंट के नाम पर ठगी की कोशिश की जा रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई को लेकर एक डर का माहौल है। भारत में भी लोग गैस की कमी की आशंका के चलते जल्दबाजी में अपना एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं। लेकिन, आपकी इसी घबराहट का फायदा साइबर अपराधी उठाने की कोशिश में जुट गये हैं।
बुधवार की शाम उजियारपुर के मोहन चौधरी के फोन पर दो घंटे में गैस की डिलीवरी देने की बात कहकर एक लिंक भेजा गया और पेमेंट भी सिर्फ 500 रुपये करने को कहा गया। संयोगवश शक होने पर उन्होंने लिंक पर क्लिक नहीं किया। इसी तरह मोहनपुर के राम उद्गार राय के वाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजकर उनको नया गैस कनेक्शन फ्री में देने की बात कही गयी। जब उन्होंने उसपर क्लिक किया तो उनसे अकाउंट का पर्सनल डीटेल मांगा गया। जब उन्होंने फार्म आधा भरकर छोड़ दिया तो साइबर बदमाश फोनकर उन्हें सिर्फ एक रूपये के पेमेंट पर गैस कनेक्शन देने का लालच दिया। हालांकि उनके पुत्र रवि ने सूझबूझ दिखाते हुए नंबर को ब्लॉक कर दिया, जिससे वह साइबर ठगी के शिकार होने से बाल-बाल बच गये।

बता दें कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में जब भी किसी चीज की ऑनलाइन सर्च अचानक बढ़ती है तो स्कैमर्स तुरंत एक्टिव हो जाते हैं। आजकल ये ठग इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उन लोगों को खास तौर पर ट्रैक कर रहे हैं, जो गैस सिलेंडर की बुकिंग के बारे में जानकारी खोज रहे हैं। लोगों को फंसाने के लिए ये फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन चलाते हैं। इनमें तत्काल गैस सिलेंडर डिलीवरी या इमरजेंसी गैस सप्लाई जैसे लुभावने दावे किए जाते हैं। इन विज्ञापनों को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि गैस की किल्लत की घबराहट में लोग बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में इन पर क्लिक कर दें और ठग उनकी इसी स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बना लें।

फर्जी लिंक और एडवांस पेमेंट का खेल :
इस स्कैम का सबसे खतरनाक हिस्सा फिशिंग लिंक्स का खेल है। ठग आपको एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजते हैं, जिस पर क्लिक करते ही एक नई वेबसाइट खुलती है। यह फर्जी वेबसाइट दिखने में हूबहू आपकी असली गैस एजेंसी की ऑफिशियल साइट जैसी ही लगती है। यहां पहुंचने पर आपको जल्दी गैस डिलीवरी का झांसा दिया जाता है और एडवांस ऑनलाइन भुगतान करने को कहा जाता है। लेकिन जैसे ही आप उनके झांसे में आकर यूपीआई या कार्ड से पैसे ट्रांसफर करते हैं, ठग तुरंत गायब हो जाते हैं और नतीजा यह होता है कि न तो आपको गैस सिलेंडर मिलता है और न ही आपके पैसे वापस आते हैं।

साइबर डीएसपी ने दी सावधानी बरतने की सलाह :
इसको लेकर साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने इस नए फ्रॉड से सुरक्षित रहने के लिए कुछ बेहद जरूरी सलाह दी हैं। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए हमेशा अपनी गैस कंपनी के ऑफिशियल मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी अनजान लिंक के जरिए गैस बुक करने या पेमेंट करने की गलती भूलकर भी न करें। सबसे अहम बात यह है कि किसी भी वेबसाइट या अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक अकाउंट नंबर या क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल्स बिल्कुल शेयर न करें।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए हमेशा यह याद रखने कि अपील की आधिकारिक गैस एजेंसियां कभी भी इस तरह के अनजान लिंक भेजकर ग्राहकों से एडवांस पैसों की मांग नहीं करती है। अगर गलती से आपने किसी फर्जी लिंक पर पेमेंट कर दिया है तो बिलकुल घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत कार्रवाई करें। ऐसी स्थिति में सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके घटना की जानकारी दें। इसके अलावा, आप नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।



