समस्तीपुर में 96,875 परिवारों को मिला मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ, महिलाओं के खातों में पहुंचे 96 करोड़ 87 लाख रुपये

समस्तीपुर : मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत सोमवार को समस्तीपुर जिले में बड़े पैमाने पर लाभार्थी महिलाओं के खाते में राशि हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम से डीबीटी के माध्यम से राशि जारी की गई, जिसका सीधा प्रसारण समस्तीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। कार्यक्रम में जीविका दीदियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इस अवसर पर जिले के कुल 96 हजार 875 परिवारों को लाभान्वित करते हुए 96 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। योजना के तहत प्रत्येक चयनित महिला को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार की प्रारंभिक सहायता दी गयी।
आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अधिकतम 2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी। डीएम रोशन कुशवाहा ने बताया कि समस्तीपुर जिले में इससे पहले कुल 6,43,551 महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जा चुका है, जिनके बीच 643 करोड़ 55 लाख रुपये का वितरण किया जा चुका है है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र की 5,72,990 एवं शहरी क्षेत्र की 70,561 महिलाएं शामिल हैं। आज के कार्यक्रम के बाद कुछ 7,40,426 परिवार लाभांवित हो चुके है।

डीएम ने बताया कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे पहले कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम रोशन कुशवाहा, डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह एवं डीपीएम जीविका विकास शंकर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में 200 से अधिक जीविका दीदियां उपस्थित रहीं। लाभार्थी महिला संगीता कुमारी, सुनीता देवी, श्रीदेवी आदि ने कहा कि सरकार की इस पहल से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है तथा वे अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

योजना का उद्देश्य- महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना :
डीएम ने बताया कि महिला रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना का संचालन मुख्य रूप से जीविका नेटवर्क के माध्यम से किया जा रहा है, जो ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर रोजगार से जोड़ने का काम करता है।





