बिहार में पंचायती राज विभाग का घूसखोर JE गिरफ्तार, निगरानी ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार छापेमारी जारी है. इसी क्रम में मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड में पंचायती राज विभाग के एक तकनीकी सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने 12 हजार रुपये की घूस मांगी थी, जिसके बाद विभाग ने जाल बिछाकर सफल ट्रैप ऑपरेशन अंजाम दिया.
शिकायत पर पटना से पहुंची टीम:
शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग को सूचित किया था कि कलुआही प्रखंड के पंचायती राज विभाग में तैनात तकनीकी सहायक हरि रंजन कुमार किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग कर रहे हैं. इस सूचना पर पटना से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की नौ सदस्यीय टीम डीएसपी मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में मधुबनी पहुंची. टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ जाल बिछाया और आरोपी को घूस लेते समय दबोच लिया.

रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी:
ट्रैप ऑपरेशन के दौरान जैसे ही आरोपी हरि रंजन कुमार ने 12 हजार रुपये की राशि स्वीकार की, निगरानी टीम ने तुरंत कार्रवाई की. आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया. मौके पर मौजूद गवाहों के सामने यह कार्रवाई पूरी हुई, जिससे आरोपी के पास बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा.

डीएसपी ने दी जानकारी:
निगरानी विभाग के डीएसपी मो. वसीम फिरोज ने बताया कि आरोपी द्वारा 12 हजार रुपये की घूस मांगी जा रही थी. शिकायत मिलने पर टीम गठित की गई और सफलतापूर्वक कार्रवाई की गई. गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि मामले की गहराई तक जांच हो सके और अन्य संभावित भ्रष्टाचार के तार सामने आ सकें.

प्रखंड कार्यालय में मचा हड़कंप:
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कलुआही प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई. कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है. कई लोग इसे सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सकारात्मक कदम मान रहे हैं.

बार-बार छापेमारी के बावजूद भ्रष्टाचार जारी:
मधुबनी जिले समेत पूरे बिहार में निगरानी विभाग द्वारा पिछले कुछ समय में कई छापेमारी की जा चुकी हैं, लेकिन भ्रष्टाचारी अधिकारियों में अभी भी डर नहीं बैठ पाया है. लगातार कार्रवाई के बावजूद कुछ लोग रिश्वत वसूली में लगे हुए हैं.

आगे की जांच जारी:
आरोपी तकनीकी सहायक को आवश्यक पूछताछ के लिए निगरानी टीम अपने साथ ले गई है. मामले में आगे की जांच चल रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी ने पहले भी रिश्वत ली है या नहीं. यदि अन्य लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.

