समस्तीपुर रेल मंडल के कर्मी ने कचरे से उकेरी स्वामी विवेकानंद जी की तस्वीर, बना आकर्षण का केंद्र
समस्तीपुर : सहरसा रेलवे स्टेशन पर कार्यरत एक कर्मी इन दिनों एक अनोखी वजह से चर्चा में है। यहां कार्यरत रेलकर्मी धनंजय कुमार ने अपनी कल्पनाशील सोच और पर्यावरण के प्रति जागरूक दृष्टिकोण से ऐसा कार्य कर दिखाया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है। उन्होंने अनुपयोगी और फेंक दिए जाने वाले अपशिष्ट पदार्थों से स्वामी विवेकानंद जी का बेहद प्रभावशाली चित्र तैयार किया है, जो स्टेशन पर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
इस कलाकृति को तैयार करने में पुराने कागज, प्लास्टिक, धातु के टुकड़े समेत कई बेकार वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग किया गया है। धनंजय कुमार का यह प्रयास “वेस्ट से बेस्ट” की सोच को साकार करता है और साथ ही महान संत स्वामी विवेकानंद के विचारों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम भी बन रहा है। उनका उद्देश्य कला के जरिए पर्यावरण संरक्षण के महत्व को उजागर करना है।
जब इस अनूठी रचना की जानकारी मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा तक पहुंची, तो उन्होंने स्वयं सहरसा स्टेशन के निरीक्षण के दौरान इस कलाकृति को देखा और इसकी खुलकर सराहना की। डीआरएम ने कहा कि इस तरह की पहल रेलवे कर्मचारियों में छिपी रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाती है और समाज को सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करती है। उन्होंने भविष्य में ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। धनंजय कुमार की इस कलाकृति को रेलवे अधिकारी, कर्मचारी और स्टेशन पर आने वाले यात्री सभी खूब पसंद कर रहे हैं। यह पहल न सिर्फ कला और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर मेल है, बल्कि युवाओं के लिए भी प्रेरणा का संदेश दे रही है।

