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गन्ना अनुसंधान केंद्र पूसा बनेगा गुड़ की मिठास का वैश्विक केंद्र, ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में किया जाएगा विकसित

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समस्तीपुर : अब बिहार की पहचान केवल गन्ने की खेती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसकी मिठास दुनिया भर में छाएगी। उच्च गुणवत्ता वाले गुड़ उत्पादन को नई उड़ान देने के लिए गन्ना अनुसंधान संस्थान, पूसा को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए 5 करोड़ 69 लाख 65 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। पहले चरण में प्रथम वर्ष के लिए 1 करोड़ 31 लाख 95 हजार रुपये जारी भी कर दिए गए हैं।

विश्व का पांचवां और देश का पहला अंतरराष्ट्रीय गन्ना अनुसंधान केंद्र पूसा को मिले इस दर्जे ने इसे वैश्विक पहचान दिला दी है।गुड़ उत्पादन के क्षेत्र में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से गन्ने की उन्नत किस्मों, फसल प्रबंधन और मूल्य संवर्द्धन पर गहन अनुसंधान किया जाएगा। लक्ष्य साफ है कि कम लागत में अधिक गुणवत्ता, ऊर्जा कुशल आधुनिक प्रसंस्करण, बेहतर पैकेजिंग और सुरक्षित भंडारण तकनीक का विकास करना।

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उपलब्धि :

दुनिया भर के किसानों के लिए बनेगा कृषि ज्ञान का केंद्र यहां विश्वस्तरीय अनुसंधान की व्यवस्था होगी, जहां देश-विदेश के गन्ना किसान प्रशिक्षण लेने आएंगे। वरिष्ठ वैज्ञानिकों की देखरेख में उन्नत बीज, नई किस्में और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे गन्ना उत्पादन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे। यही नहीं, यहीं से विश्वस्तरीय फ्लेवर्ड गुड़ उत्पादन की तकनीक भी विकसित होगी।बता दें कि समस्तीपुर जिले के हसनपुर, बिथान, खानपुर, उजियारपुर, शिवाजीनगर, रोसड़ा और विभूतिपुर प्रखंडों में 10,248.13 हेक्टेयर भूमि पर 7,61,436.06 टन गन्ना उत्पादन होता है।

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बयान :

इस पहल का उद्देश्य बिहार में उच्च गुणवत्ता वाले गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देना और गन्ना किसानों की आय बढ़ाना है। उत्कृष्टता केंद्र में ऊर्जा-कुशल प्रसंस्करण, आधुनिक पैकेजिंग और भंडारण तकनीकों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस परियोजना से बिहार के गन्ना किसानों को कई अवसर मिलेंगे, जिनमें उत्पादकता में वृद्धि, गुड़ की गुणवत्ता में सुधार, नए बाजारों तक पहुंच और प्रशिक्षण और सहायता शामिल हैं।

– डॉ देवेन्द्र सिंह, निदेशक, ईख अनुसंधान संस्थान, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा

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