पटना में गहरे पानी में डूब रहे थे दो युवक, महिला सिपाही ने बचाने के लिए वर्दी में ही गंगा में लगा दी छलांग
दीघा थाना क्षेत्र के पाटीपुल घाट पर माघ पूर्णिमा के अवसर पर रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान गयाजी चाकंद थाना क्षेत्र के पाचू बिगहा निवासी दो लोग डूब गए। स्थानीय गोराखोर और एसडीआरएफ की मदद से दोनों की तलाश में दिनभर सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। दीघा थानेदार ने बताया कि सोमवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। डूबने वालों की पहचान 30 वर्षीय धनंजय कुमार और 50 वर्षीय बाबू उर्फ रविंद्र कुमार के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि दोनों परिवार के साथ चाकंद से पटना जंक्शन पहुंचे थे। वहां से ऑटो से पाटीपुल घाट गए। गंगा स्नान को पहुंचे दोनों लोग सुबह करीब नौ बजे घाट पर पहुंचे। लोगों में बताया कि घाट पर कोई घेराबंदी नहीं थी। किनारे पर ही गहरा पानी था। जैसे ही दोनों स्नान के लिए गंगा में उतरे वह डूबने लगे। थोड़ी देर में ही वह नजरों से ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर दीघा पुलिस, यातायात पुलिस और गाय घाट से एसडीआरएफ की टीम पहुंची। गोताखोरों ने दिनभर तलाशी ली, लेकिन सफलता न मिली। उनके साथ आईं महिलाएं विलाप कर रही थीं। धनंजय राजमिस्त्री थे, पत्नी व दो बेटियां हैं।
डूब रहे युवकों को बचाने वर्दी में ही गंगा में कूद गई महिला पुलिसकर्मी :
घटना के बाद इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित हुआ। दीघा घाट पर गंगा नदी में दो युवकों के डूबने की घटना में महिला यातायात सिपाही तारा कुमारी ने साहस का उदाहरण पेश किया। यातायात ड्यूटी पर तैनात तारा ने बिना सुरक्षा उपकरण या सहायता के इंतजार के वर्दी में ही गंगा नदी उतर गईं। युवकों को खोजने व बचाने का प्रयास किया। उन्होंने जीवन रक्षा का बीड़ा उठाया। जान की परवाह न कर कर्तव्य व मानवता को प्राथमिकता देते हुए महिला सिपाही काफी देर तक दोनों की तलाश में जुटी रही। पुलिस महकमे से उनकी बहादुरी की सराहना की जा रही है।

