समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

SamastipurNEWS

समस्तीपुर सिविल सर्जन के निधन पर शोक की लहर, कल सदर अस्पताल में लाया जाएगा पार्थिव शव, दी जाएगी श्रद्धांजलि; 31 मई को करने वाले थे रिटायर

IMG 20250923 WA0025

समस्तीपुर : समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी (66 वर्ष) की मंगलवार को हार्ट अटैक से मौत हो गयी। उनके निधन की खबर सुनकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर दौड़ गयी। बताया गया है कि मंगलवार को वह डीएम, एसपी समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ कर्पूरीग्राम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन की तैयारियों को लेकर स्थल निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें हार्ट अटैक का दौरा पड़ गया और वह वहीं चक्कर खाकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां नाजुक स्थिति देख बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें शहर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।

जानकारी के अनुसार, डॉ. एसके चौधरी भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के पैतृक गांव कर्पूरीग्राम में कर्पूरी जयंती समारोह की तैयारियों का निरीक्षण करने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों के साथ पहुंचे थे। इस दौरान डीएम रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह, एडीएम ब्रजेश कुमार, एडीएम आपदा राजेश सिंह, एसडीओ दिलीप कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान वहां मौजूद सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी को चक्कर आया और वह वहीं पर अचेत होकर गिर पड़े।आनन-फानन में सिविल सर्जन को तत्काल एम्बुलेंस से सदर अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान अन्य सभी अधिकारी भी सदर अस्पताल पहुंचे। सूचना पर सदर अस्पताल में सैकड़ों लोगों व स्वास्थ्य कर्मियों की भीड़ उमड़ पड़ी। नाजुक स्थिति देख जब उन्हें रेफर किया गया तो नगर थाने की पुलिस ने रास्ते को खाली कराया व एंबुलेंस को निजी अस्पताल तक पहुंचवाया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। हालांकि कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

IMG 20251220 WA0094

paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

31 मई होने वाले थे रिटायर :

सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी का आकस्मिक मौत न सिर्फ एक वरिष्ठ अधिकारी का जाना है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवा के एक समर्पित स्तंभ का यूं अचानक गिर जाना भी है। विडंबना यह रही कि जिस जिम्मेदारी के निर्वहन में वह वर्षों से जुटे थे, उसी सरकारी कर्तव्य के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. एसके चौधरी इसी वर्ष 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले थे। सेवा के अंतिम पड़ाव पर खड़े होकर भी उनका समर्पण कम नहीं हुआ था। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कर्पूरीग्राम में चल रही तैयारियों के निरीक्षण में उनकी सक्रिय मौजूदगी इस बात की गवाही देती है कि वे अंतिम दिन तक दायित्व को प्राथमिकता देने वाले अधिकारी थे।

IMG 20240904 WA0139

लगभग 27 वर्षों तक डॉ. चौधरी ने समस्तीपुर जिले में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया। बीच में कुछ वर्षों के लिए अन्य जिलों में तैनाती जरूर रही, लेकिन उनका अधिकांश कार्यकाल समस्तीपुर से ही जुड़ा रहा। यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पतालों की चुनौतियां और आम मरीजों की जरूरतें उन्हें भली-भांति ज्ञात थीं। यही कारण था कि वे एक प्रशासक से अधिक एक अनुभवी चिकित्सक और मार्गदर्शक के रूप में पहचाने जाते थे। 12 फरवरी 2022 को उन्होंने समस्तीपुर सिविल सर्जन के पद पर योगदान दिया था। बीते लगभग चार वर्षों में उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए।

FB ADD scaled

कोविड काल के बाद स्वास्थ्य ढांचे को संभालना आसान नहीं था, लेकिन डॉ. चौधरी ने अपने अनुभव और संयम से व्यवस्था को संतुलन में रखने की कोशिश की। उनका यूं अचानक चले जाना प्रशासनिक गलियारों से लेकर अस्पतालों के वार्ड तक एक खालीपन छोड़ गया है। सदर अस्पताल में उमड़ी भीड़ और स्वास्थ्यकर्मियों की नम आंखें इस बात का प्रमाण थीं कि वे केवल अधिकारी नहीं, बल्कि अपने सहकर्मियों के बीच एक भरोसेमंद चेहरा थे। डॉ. एसके चौधरी का जीवन और मौत यह याद दिलाता है कि सेवा की राह में चलने वाले कई लोग अपने कर्तव्यों के बोझ तले खुद को पीछे छोड़ देते हैं। उनकी स्मृति जिले की स्वास्थ्य सेवा के इतिहास में एक समर्पित अध्याय के रूप में हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सदर अस्पताल में एमसीएच भवन, माॅडल अस्पताल भी बनवाया। इसके अलावे अनुमंडलीय अस्पतालों व पीएचसी, सीएचसी में भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बेहतर कार्य करवाए।

IMG 20250204 WA0010

मूल रूप से हजारीबाग के रहने वाले थे सिविल सर्जन :

डॉ. एसके चौधरी मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग के बरही के रहने वाले थे। उनके दो बच्चे हैं। बेटा अर्श आनंद दिल्ली में एमबीबीएस कर पीजी की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी शांभवी कुमारी भी पेशे से डॉक्टर है, जो पटना में पोस्टेड है। शांभवी के पति सुमित कुमार भी पटना में डॉक्टर हैं। जबकी उनकी पत्नी डॉ. सुनीता चौधरी भी डाॅक्टर है। वह समस्तीपुर में ही निजी अस्पताल चलाती है। संयोग से मंगलवार को सिविल सर्जन के पुत्र, पुत्री व दामाद पटना में ही थे। मौत की सूचना पर सभी समस्तीपुर पहुंचे।

IMG 20250821 WA0010

सदर अस्पताल में दिया जाएगा श्रद्धांजलि :

सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि सिविल सर्जन के मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर है। देर शाम उनका शव सरकारी आवास पर लाया गया। जहां लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। बुधवार को सदर अस्पताल में उनका पार्थिव शव लाया जाएगा जहां स्वास्थ्य कर्मी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

यहां देखें वीडियों :

file 00000000201c7207a5243d349b920613

IMG 20241218 WA0041

20201015 075150