समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

SamastipurNEWS

समस्तीपुर में बिना रजिस्ट्रेशन चल रही माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर कसेगा शिकंजा, रंगदारी का मामला होगा दर्ज

IMG 20250923 WA0025

समस्तीपुर : जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रही माइक्रो फाइनेंस कंपनियों और अवैध कर्ज देने वाली संस्थाओं पर अब पुलिस की सख्त नजर है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि रजिस्टर्ड और अन-रजिस्टर्ड माइक्रो फाइनेंस कंपनियों व अन्य कर्ज देने वाली संस्थाओं की पूरी सूची नायी जाए। एसपी ने स्पष्ट कहा है कि बिना वैध रजिस्ट्रेशन के कर्ज देने वाली माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ रंगदारी समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही अवैध रूप से वसूली करने, धमकी देने और मानसिक प्रताड़ना के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई होगी।

एसपी ने बताया कि कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जहां अवैध माइक्रो फाइनेंस कंपनियां गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को आसान कर्ज का लालच देकर मोटे ब्याज पर पैसा देती हैं। बाद में किस्त नहीं चुकाने पर घर जाकर दबाव बनाना, धमकी देना और सार्वजनिक रूप से अपमानित करना जैसी घटनाएं सामने आती हैं। इन्हीं कारणों से कई लोग मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है।

IMG 20251018 WA0034

paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

मोटे ब्याज के जाल में फंसकर लोग हो रहे बर्बाद :

एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने सभी एसडीपीओ को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कर्ज के कारण हुई आत्महत्याओं के मामलों का विस्तृत आंकड़ा एकत्र करें। इन आंकड़ों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन मामलों में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों या अवैध साहूकारों की भूमिका रही है। यदि जांच में कर्ज वसूली के दबाव की पुष्टि होती है, तो संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि मोटे ब्याज के जाल में फंसकर लोग बर्बाद हो रहे हैं। मुख्यालय के निर्देश पर अब इन मामलों पर कड़ाई से कारवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल कागजी नहीं होगी, बल्कि मैदानी स्तर पर व्यापक अभियान चलाकर अवैध माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की पहचान की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इनके कार्यालय सील किए जाएंगे और संचालकों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी माइक्रो फाइनेंस कंपनी या कर्ज देने वाली संस्था से पैसा लेने से पहले उसकी वैधता जरूर जांचें और किसी भी तरह की अवैध वसूली या धमकी की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कार्यालय को दें।इधर पुलिस के इस सख्त रुख से जिले में अवैध माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे आम लोगों को शोषण से राहत मिल सकेगी।

IMG 20240904 WA0139

पुरुषों को गारंटर बनाकर दिया जाता लोन :

प्राइवेट फाइनेंस कंपनियां महिलाओं के समूह बनाकर और पुरुषों को गारंटर बनाकर लोन देती हैं। लोन की राशि को 22 से 27 माह की किश्तों में बांटा जाता है। ब्याज दर 24% तक होती है। लोन देते समय ही इंश्योरेंस के नाम पर हजारों रुपए काट लिए जाते हैं। किश्त नहीं चुकाने पर पेनल्टी ब्याज वसूला जाता है। समूह लोन के जाल में फंसकर लोग आत्महत्या और हत्या तक कर रहे हैं। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से करीब 200 से अधिक परिवार लोन के दबाव से बचने के लिए गांव छोड़कर दूसरे प्रदेशों में पलायन कर चुके हैं। समूह लोन का मकड़जाल ऐसा है कि एक बार फंसने के बाद निकलना मुश्किल हो जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा लोन लेती हैं। कंपनियों के एजेंट भी महिलाओं को ही टारगेट कर लोन देते हैं। एक लोन चुकाने के लिए महिलाएं दूसरा लोन लेती हैं और यह सिलसिला 10-20 लोन तक पहुंच जाता है। इसके बाद दबाव में सुसाइड की नैबत आती है।

FB ADD scaled

लोन ना चुका पान पर प्रताड़ित होकर लोग कर रहे आत्महत्या :

बीते 19 मार्च को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरथपुर में समूह लोन के दबाव में राजेश सहनी उर्फ पाचू सहनी की पत्नी मीना देवी (36) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मीना देवी ने चार अलग-अलग समूहों से करीब तीन लाख रुपए लोन लिया था। किश्त नहीं चुकाने पर कंपनी के कर्मी उसे लगातार परेशान कर रहे थे। एक दिन तो कर्मियों ने उसके घर में ताला तक जड़ दिया था। किश्त चुकाने में असमर्थ मीना देवी ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। वहीं मार्च के महीने में मोहनपुर थाना क्षेत्र के बालूपार गांव में सब्जी बेचने वाले एक अधेड़ ने लोन चुकाने के दबाव में फांसी लगा ली। उसकी पत्नी चंपा देवी के अनुसार, परिवार में बीमारी के कारण उसने कई समूहों और ग्रामीणों से लोन लिया था।

IMG 20250204 WA0010

इससे पहले वर्ष 2024 के 9 अक्टूबर को चकमेहसी बाजार में सैलून चलाने वाले संदीप ठाकुर ने अपनी पत्नी के 10 लाख रुपए के लोन से छुटकारा पाने के लिए अपने भाई, दोस्त और टोटो चालक की मदद से पत्नी की गोली मारकर हत्या करवा दी थी। वहीं 8 सिंतबर 2024 को चकमेहसी थाना क्षेत्र के श्रीनाथ पारण गांव में चंदेश्वर सहनी की पत्नी शर्मिला देवी ने समूह लोन नहीं चुका पाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावे पिछले वर्ष ही मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के फरपुरा गांव में रेलवे लाइन किनारे एक महिला ने समूह लोन के दबाव में ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। उसने कई समूहों व फाइनेंस कंपनियों से 2.50 लाख रुपए का कर्ज लिया था। वहीं साढ़े तीन वर्ष पहले वर्ष 2022 के जून महीने में सूदखोरों की धमकी से तंग आकर विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के मऊ गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों ने खुदखुशी कर ली थी। मृतकों में मनोज झा, उसकी पत्नी सुन्दरमनी देवी, 10 वर्ष का बेटा सत्यम कुमार, 8 वर्ष का पुत्र शिवम और मनोज की मां सीता देवी थी।

IMG 20250821 WA0010

file 00000000201c7207a5243d349b920613

IMG 20241218 WA0041

20201015 075150