समस्तीपुर में गंगा, बूढ़ी गंडक व बागमती के 13 बालू घाटों की होगी नीलामी, ई-ऑक्शन प्रक्रिया शुरू

समस्तीपुर : खनन विभाग ने समस्तीपुर जिले के 13 बालू घाटों की नीलामी की तैयारी में जुटी है। विभाग ने इसके लिए ई नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर घाटों को अगले पांच वर्षों के लिए बंदोबस्त करेगी। इसमें गंगा किनारे के 11 घाट और बूढ़ी गंडक और बागमती किनारे के एक-एक घाट शामिल है। इसके लिए आनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। जिला खनन विभाग ने इसकी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है। नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
बताया गया कि इसमें गंगा नदी किनारे विभिन्न जगहों पर चिन्हित 11 घाट शामिल है। इसमें घाट एन वन का क्षेत्रफल जहां 9.6 हेक्टेयर का होगा। वहीं वन का क्षेत्रफल 18.5 हेक्टेयर इसी तरह से वन सी 18.5, वन डी 31.6, वन ई 52.25, टू ए घाट का क्षेत्रफल 35, टू बी 15.6, टू सी 13.6, थ्री ए 14, थ्री बी 9.9 और सी 7.9 हेक्टेयर भूमि की होगी।
इसी तरह से बूढ़ी गंडक नदी में 20.6 और बागमती नदी में 6.8 हेक्टेयर भूमि पर खनन होगी। बताया गया कि जिला प्रशासन की वेबसाइट पर इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। जहां से लोग इसमें शामिल होने के लिए अपना आवेदन 26 दिसंबर तक आनलाइन भेज सकते है। 29 दिसंबर को इसके ई नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी।

एक व्यक्ति ले सकते अधिकतम दो घाट :
नीलामी की प्रक्रिया के तहत प्रत्येक खण्ड या बालूघाट के लिए अलग-अलग निविदा कागजात का क्रय करना होगा। साथ ही अलग-अलग अग्रधन राशि के साथ निविदा देनी होगी। एक व्यक्ति, समिति, फर्म या कम्पनी को अधिकतम दो बालू घाट अथवा 200 हेक्टेयर क्षेत्र, जो भी कम हो के लिए बंदोबस्ती दी जाएगी। उक्त सीमा मात्र बिहार बालू खनन नीति, 2019 की कंडिका 5(1) में उल्लेखित नदियों यथा सोन, चानन, किउल, फल्गु एवं मोरहर के बालूघाटों की बंदोबस्ती पर लागू होगी। ई-आक्शन सिस्टम में ही यह व्यवस्था इनबिल्ट रहेगी।

इन शर्तों को पूरा करने वाले हो सकते शामिल :
बालू घाटों की नीलामी में निबंधित कम्पनियों, पार्टनरशीप, सोसाईटी, सहकारी संस्था सहित, सोल प्रोपराईटरशीप, व्यक्तियों और संस्थाओं के भागीदार को पात्रता होगी। विभाग या बिहार राज्य खनन निगम में किसी प्रकार का कोई बकाया नहीं हो। बकाया राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद दर्ज रहने पर निविदा के लिए पात्र नहीं होंगे।





