समस्तीपुर : कालाजार उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग चलाएगा घर-घर खोजी अभियान

समस्तीपुर : कालाजार उन्मूलन को लक्ष्य बनाते हुए स्वास्थ्य विभाग दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जिले में घर-घर खोजी अभियान चलाने जा रहा है। इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर कालाजार, एचआईवी वीएल एवं पीकेडीएल (चमड़ी का कालाजार) के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक कालाजार के 10 मरीज मिले हैं, जिनमें 4 पीकेडीएल के मामले शामिल हैं। राज्य स्तर से वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने इस संबंध में 32 जिलों को निर्देश जारी किया है।

अभियान की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें कालाजार के लक्षणों की पहचान, रिपोर्टिंग प्रणाली, जांच की प्रक्रिया तथा उपचार प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी शामिल होगी। प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र की लगभग 1000 की जनसंख्या या 250 घरों में संभावित रोगियों की खोज का दायित्व मिलेगा। इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें कार्यक्षेत्र, लक्षित घरों की संख्या, फॉलोअप तिथि और रिपोर्टिंग व्यवस्था स्पष्ट की जाएगी।

विशेष रूप से वर्ष 2022 से अप्रैल 2025 तक चिन्हित कालाजार मरीजों के घर से 500 मीटर की परिधि में रोगियों की खोज पर खास ध्यान दिया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति में बुखार के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसकी जांच आरके-39 किट से की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को आरएमआरआई पटना या डीएमसीएच दरभंगा जैसे उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

डीवीबीडीसी संतोष कुमार ने यह भी बताया कि भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम द्वारा निर्धारित कालाजार उन्मूलन लक्ष्य को बिहार ने वर्ष 2023 में ही प्राप्त कर लिया था। हालांकि इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए संभावित रोगियों की समय पर पहचान और त्वरित उपचार बेहद आवश्यक है।




