जानिए कौन थे दुलारचंद यादव, जिनकी मोकामा में आज हुई ह’त्या से दहला बिहार का सियासी गलियारा

बिहार चुनावी माहौल के बीच पटना जिले के मोकामा टाल क्षेत्र से सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां गुरुवार को दो पक्षों में हुई मारपीट और फायरिंग की घटना में जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक और पूर्व आरजेडी नेता दुलारचंद यादव की मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि घटना उस वक्त हुई जब दुलारचंद यादव अपने समर्थकों के साथ पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मोकामा टाल के एक गांव में चुनाव प्रचार के दौरान दो गुटों के बीच झड़प हो गई. देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और फायरिंग शुरू हो गई. इस बीच दुलारचंद यादव को सीने में गोली लग गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे.

कौन थे दुलारचंद यादव?
दुलारचंद यादव का नाम मोकामा टाल इलाके में कोई अनजान नहीं था. वे लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी माने जाते थे और कभी आरजेडी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे थे. 1990 के दशक में लालू यादव के सत्ता के दौर में दुलारचंद यादव की पकड़ इस क्षेत्र में काफी मजबूत मानी जाती थी. कहा जाता है कि वे आरजेडी के ग्राउंड-लेवल काडर को खड़ा करने वालों में से एक थे. राजनीति के साथ-साथ दुलारचंद यादव का स्थानीय सामाजिक दायरा भी काफी बड़ा था. हाल के वर्षों में उन्होंने जनसुराज आंदोलन का समर्थन किया और मोकामा सीट से चुनाव लड़ रहे पीयूष प्रियदर्शी के करीबी बन गए. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने लल्लू मुखिया के समर्थन में एक चुनावी गीत गाया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

मोकामा टाल में फिर हुआ खूनी संघर्ष
मोकामा टाल इलाका हमेशा से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता रहा है. यहां राजनीति और अपराध का गहरा मेल देखा गया है. बाहुबलियों से लेकर पुराने राजनीतिक चेहरों तक, यह इलाका कई बार सुर्खियों में रहा है. दुलारचंद यादव की हत्या ने एक बार फिर इस इलाके की सुरक्षा और चुनावी माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस ने मौके से कुछ खोखे बरामद किए हैं और इलाके में छापेमारी जारी है. ASP बाढ़ ने कहा है कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी झड़प का लग रहा है.

घटना की जानकारी मिलते ही ASP बाढ़, ग्रामीण SP और SSP पटना ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह विवाद प्रचार के दौरान किसी पुरानी रंजिश या राजनीतिक वर्चस्व को लेकर हुआ हो सकता है.




