समस्तीपुर DM के निर्देश पर प्रशिक्षण स्थल में बदलाव, 23 अक्टूबर से होली मिशन के बदले DAV में शुरू होगा द्वितीय चुनावी प्रशिक्षण सत्र

समस्तीपुर : आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की दिशा में समस्तीपुर जिला प्रशासन ने तैयारियों को नई गति दे दी है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा के निर्देशन में मतदान कर्मियों के द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने की तैयारी बृहद पैमाने पर की जा रही है। गौरतलब है कि गुरुवार तक प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम संत कबीर महाविद्यालय, समस्तीपुर और होली मिशन हाई स्कूल, समस्तीपुर में आयोजित किए जा रहे थे। किंतु 23 अक्टूबर से मतदान कर्मियों की बढ़ी हुई संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल, हरपुर एलौथ, समस्तीपुर को एक प्रमुख प्रशिक्षण स्थल के रूप में चयनित किया गया है, जहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे पर्याप्त कक्ष, डिजिटल उपकरण, बैठने की सुविधा और पार्किंग आदि उपलब्ध कराई गई हैं।
नोडल वरीय पदाधिकारी-सह-जिला बंदोबस्त पदाधिकारी (प्रशिक्षण कोषांग) विजय कुमार ने बताया कि यह द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 अक्टूबर 2025 से 25 अक्टूबर 2025 तथा 29 अक्टूबर और 30 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण दो प्रमुख स्थलों पर संपन्न होगा संत कबीर इंटर/डिग्री महाविद्यालय, कोरबद्धा, समस्तीपुर एवं डीएवी पब्लिक स्कूल, हरपुर एलौथ, समस्तीपुर बनाए गए हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक आयोजित होगा। संत कबीर कॉलेज में 1,020 प्रशिक्षुओं तथा डीएवी पब्लिक स्कूल में 2,592 प्रशिक्षुओं की क्षमता निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण के दौरान मतदान दल कर्मियों को EVM/VVPAT संचालन, मतदान दिवस की कार्यप्रणाली, मॉक पोल प्रक्रिया, मतदान केंद्र प्रबंधन, आदर्श आचार संहिता और शिकायत निवारण प्रणाली की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।

नोडल पदाधिकारी (कार्मिक कोषांग) को निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान सुव्यवस्था, अनुशासन एवं उपस्थिति की निगरानी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, प्रत्येक केंद्र की कक्षानुसार प्रशिक्षुओं की सूची भी तैयार कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा रही है। डीएम रोशन कुशवाहा ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक मतदान कर्मी चुनाव प्रक्रिया की हर तकनीकी और प्रशासनिक बारीकी में दक्ष हो। प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्वाचन की गुणवत्ता और निष्पक्षता का मूल आधार है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।”





