RB कॉलेज दलसिंहसराय के प्रोफेसर पर अधिक अंक देने के नाम पर छात्राओं से शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप, चैट हुआ वायरल

समस्तीपुर/दलसिंहसराय : शहर के आरबी कॉलेज से जुड़ा एक गंभीर मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इंटरनेट मीडिया पर दो छात्राओं की आपसी बातचीत का चैट वायरल होते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस चैट में दावा किया गया है कि कॉलेज के एक प्रोफेसर परीक्षा में अधिक अंक देने के नाम पर छात्राओं का शारीरिक शोषण करते हैं। यह आरोप केवल एक छात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि बातचीत में कई छात्राओं का जिक्र किया गया है।
चैट में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रोफेसर कभी किराए के मकान तो कभी होटलों में छात्राओं को बुलाकर अनुचित कार्य करते रहे हैं। इस खुलासे ने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। कॉलेज परिसर के अंदर और बाहर इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग कह रहे हैं कि अगर आरोप साबित होते हैं तो यह शिक्षा जगत की साख पर गहरा धब्बा होगा।

प्रसारित चैट सामने आने के बाद आरोपित प्रोफेसर ने अपने बचाव में फोन और आवेदन के जरिए सफाई दी है। उन्होंने इसे साजिश बताते हुए अपनी छवि खराब करने का आरोप कुछ छात्राओं और एक छात्र पर लगाया है। इस सिलसिले में उन्होंने दलसिंहसराय थाना और साइबर थाना समस्तीपुर में लिखित आवेदन भी दिया है।
आवेदन में उनका कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से फर्जी चैट तैयार कर उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया गया, ताकि समाज में उनकी प्रतिष्ठा धूमिल की जा सके। इस बीच, पूरे मामले को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। दलसिंहसराय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि वायरल चैट की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि चैट की सत्यता की तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि प्रोफेसर या किसी छात्र-छात्रा की भूमिका संदेहास्पद पाई जाती है तो उनके खिलाफ कड़ी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि साइबर टीम के सहयोग से मामले की पड़ताल आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि असली दोषी सामने आ सकें। घटना के बाद कॉलेज परिसर में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ छात्र जहां आशंका जता रहे हैं कि शिक्षा व्यवस्था का स्तर गिरता जा रहा है, वहीं अन्य छात्र-छात्राओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों में भी आक्रोश और चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की घटनाएं होती हैं तो बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता।

यह पूरा मामला शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने वाला है। एक ओर इंटरनेट मीडिया के जरिए कई बार झूठी खबरें और फर्जी चैट भी वायरल होती रही हैं, वहीं दूसरी ओर यदि इन आरोपों में तथ्य निकलते हैं तो यह छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा से सीधा जुड़ा गंभीर अपराध होगा। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और इसकी रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं व अभिभावकों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। यह मामला सच और अफवाह के बीच की स्पष्ट रेखा को साबित करने की बड़ी चुनौती बन गया है।




