विभूतिपुर थाना परिसर में दरोगा व सिपाही से मारपीट मामले में 43 नामजद व 40 अज्ञात पर FIR दर्ज, 11 गिरफ्तार; विधायक ने पुलिसिया कारवाई पर उठाये सवाल

समस्तीपुर/विभूतिपुर [केशव बाबू] : विभूतिपुर थाना परिसर में दरोगा संजीव सिंह और सिपाही रोहित कुमार से मारपीट के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। दरोगा संजीव सिंह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में कुल 43 नामजद और 40 अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। आरोपितों में पूर्व मुखिया नरेश कुमार और वर्तमान सरपंच राम उचित महतो समेत कई महिला-पुरुष शामिल हैं।
नामजद आरोपितों में चुनचुन सिंह, मोहन सिंह, नवीन सिंह, लखन राय, गौरीशंकर महतो, सुषील कुमार, अमर कुमार साह, जितेश कुमार साह, विनोद कुमार साह, कुशेश्वर पासवान, वीरेंद्र साह, गिरधारी साह, अनिल कुमार, रामजीवन साह, चुन्नू साह, लक्ष्मी साह, सकल साह, शुभकरण साह उर्फ घसना, रोहित कुमार उर्फ विक्की, रमेश कुमार, शिवजी साह, मृत्युंजय कुमार, विसो साह, राहुल कुमार, कंचन पासवान, रामनरेश साह, रितेश कुमार, गोविंद कुमार, राजा राम राय, रौशन कुमार सहित अन्य के नाम शामिल हैं। वहीं महिलाओं में सुनीता देवी, पितुल देवी, नीतू देवी, अंजू देवी, कविता सिन्हा, गीता देवी, रीना देवी और सोनी कुमारी का नाम है।

इस दौरान पुलिस ने छापेमारी कर 11 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गिरफ्तार आरोपितों में कुंदन शर्मा, गोविंद कुमार, राजा कुमार, रितेश कुमार, राजाराम राय, रौशन कुमार, पंचम शाह, गीता देवी, अंजू देवी, रीना देवी और कविता सिन्हा शामिल हैं। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई पर विधायक ने उठाये सवाल :
वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सीपीएम विधायक अजय कुमार, जिला सचिव मंडल सदस्य महेश कुमार, स्थानीय पूर्व मुखिया पवन सिंह, मुखिया मनोज यादव, छात्र नेता केशव झा और DYFI नेता बबलू कुमार सहित अन्य नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। जांच टीम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कर निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया और गिरफ्तारी के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ भी मारपीट की।

सीपीएम नेताओं ने कहा कि निर्दोष रीना देवी, जो किडनी की मरीज हैं और दिनभर डॉक्टर की निगरानी में इलाजरत थीं, उनकी भी गिरफ्तारी कर ली गई। उन्होंने इसे गंभीर अन्याय बताते हुए समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक से घटना की निष्पक्ष जांच करने और निर्दोष लोगों को मुकदमे से मुक्त करने की मांग की है।





