समस्तीपुर : बगैर सेवा अवधि विस्तार के रिटायर्ड डॉक्टर से काम लेने और अवैध रूप से वेतन भुगतान करने का मामला उजागर

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समस्तीपुर :- समस्तीपुर जिले में बगैर सेवा अवधि विस्तार के एक सेवानिवृत्त आयुष चिकित्सक से काम लेने के साथ अवैध रूप से वेतन भुगतान भी किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आयुष चिकित्सक डॉ. ब्रह्मानंद झा जिले मोहनपुर प्रखंड के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर में पदस्थापित थे। वे 28 फरवरी को 60 साल की आयु पूरा होने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। लेकिन जिला स्वास्थ्य समिति के सामूहिक स्थानांतरण के तहत उनका भी स्थानांतरण जलालपुर से समस्तीपुर प्रखंड के छतौना अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया जबकि उनकी सेवा अवधि का राज्य स्वास्थ्य समिति से विस्तार नहीं हुआ था।
इस संबंध में समस्तीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने सिविल सर्जन को 29 अगस्त 24 को पत्र लिखा। जिसमें कहा कि आयुष चिकित्सक डॉ ब्रह्मानंद झा से कई बार सेवा विस्तार का पत्र मांगा गया, लेकिन उन्होंने अब तक कोई पत्र उपलब्ध नहीं कराया। अगर उनकी सेवा विस्तार का कोई पत्र सीएस कार्यालय में उपलब्ध है तो उसकी छाया प्रति दिया जाए। इससे पहले मोहनपुर के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी ने डॉ ब्रह्मानंद झा के स्थानांतरण व अंतिम वेतन भुगतान के संबंध में सीएस को पत्र भेजा था।

जिसमे यह कहा था कि डॉ झा का जिला स्वास्थ्य समिति के सामूहिक स्थानांतरण संबंधी 24 जून 23 के आदेश के आलोक में जलालपुर से समस्तीपुर के छतौना अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरण किया गया है। जिसके आलोक में उन्होंने अपना सभी प्रभार सौप दिया है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में सेवा अवधि के संबंध में प्रावधान यह है कि संविदा पर कार्यरत चिकित्सक की सेवा विस्तार के लिए सेवानिवृत्ति के छह महीने पूर्व और स्थायी चिकित्सक की चार महीने पूर्व अनुशंसा करने का प्रावधान है, लेकिन इसका पालन करने के बजाय सीएस ने उक्त चिकित्सक को सेवानिवृत्त होने पर बगैर सेवा विस्तार के गलत तरीके से जलालपुर से छतौना स्थानांतरण कर दिया।

जब समस्तीपुर के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी ने उनसे उक्त चिकित्सक का सेवा अवधि विस्तार का पत्र मांगा तब 25 अक्टूबर को राज्य स्वास्थ्य समिति को डॉ झा को सेवा विस्तार देने की अनुशंसा की। यानि नियम को ताक पर रख सेवानिवृति के करीब 20 महीने के बाद सीएस को सेवा विस्तार की अनुशंसा करने की याद आयी जबकि इधर उक्त चिकित्सक बगैर सेवा विस्तार के ही छतौना में काम कर रहे हैं, जिसके एवज में उन्हें नियमित रूप से वेतन का भी भुगतान किया जा रहा है।

इस संबंध में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोप गुट के जिला सचिव अजय कुमार ने बताया कि सिविल सर्जन स्वास्थ्य विभाग में लगातार नियमों को ताक पर रखकर काम करते आ रहे हैं। आयुष चिकित्सक को सेवा विस्तार की अनुमति मिले बगैर गलत तरीके से स्थानांतरण और वेतन भुगतान वित्तीय अनियमितता का नया उदाहरण है। जिले के स्वास्थ्य विभाग की गहन जांच में इस तरह के कई मामले सामने आ सकते हैं।



