नीचे मछली और ऊपर बिजली; समस्तीपुर में बनेगा पानी पर तैरता बिजली घर, 10 हजार घर होंगे रोशन

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समस्तीपुर :- तैरता बिजली घर (नीचे मछली, ऊपर बिजली) अब समस्तीपुर में भी बनेगा। जिले में यह प्लांट बिहार रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) के माध्यम से लगाया जाएगा। यह बिहार में तीसरा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट होगा। इससे पहले दरभंगा में प्लांट लग चुका है और सुपौल में लग रहा है। इसके लिए समस्तीपुर जिले के 13 जलाशयों का चयन कर प्रस्ताव ब्रेडा को भेज दिया गया है। 7 करोड़ से बनकर तैयार होते ही फ्लोटिंग सोलर प्लांट से लगभग दस हजार घर रोशन होंगे। इन घरों तक ग्रीन एनर्जी पहुंचेगी।
बता दें कि सरकार सोलर प्लांट की स्थापना कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने, पर्यावरण को स्वच्छ बनाने, कोयले की खपत को कम करने सहित अन्य लाभों के लिए कर रही है। सोलर प्लांट से पानी की बचत होने की भी उम्मीद है। साथ ही तालाब में मछली पालन भी किया किया जा सकेगा। जिले के इन 13 जलाशयों में से एक का होगा चयन ब्रेडा के परियोजना अभियंता संदीप कुमार व सर्वेयर सुधांशु मिश्रा ने कहा कि समस्तीपुर जिले के 13 जलाशयों का चयन किया गया है।

इसकी सूची ब्रेडा को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। इसमें से किसी एक जलाशय का चयन किया जाएगा और वहीं इसे लगाया जाएगा। चयनित जलाशयों में सरायरंजन प्रखंड के रायपुर खैमेठ व लगमा खेमैठ, बिथान के पिपरा सकमोरिया मन चौर, बिल्ली चौर, दलसिंहसराय के मालपुर मटिहानी, बसढिया महनैया गादो बाजिदपुर चौर, कमरांव ओनियां चौर, खानपुर के गंगौलिया चौर, शिवाजीनगर के श्रीपुर मंझलिया चौर व कुंआ चौर, उजियारपुर का देवखाल चौर एवं सिंघिया प्रखंड के चिलवारा एवं पतैल चौर शामिल हैं।

हर एक घर को ग्रीन एनर्जी से जोड़ने की है कवायद :
ग्रीन एनर्जी परियोजना का उद्देश्य सोलर और पवन ऊर्जा जैसे पर्यावरण के अनुकूल स्त्रोत से मिलने वाली बिजली को ग्रिड के जरिए पारंपरिक बिजली स्टेशनों की मदद से ग्राहकों तक पहुंचाना है। योजना के तहत हर घर को ग्रीन एनर्जी से जोड़ने को लेकर सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। बिजली विभाग के स्थानीय पावर सब स्टेशन के माध्यम से उपभोक्ताओं के घरों तक सप्लाई की जाएगी। प्लांट के रखरखाव सहित अन्य सभी कार्यों का निष्पादन 25 वर्षों तक ब्रेडा कंपनी को सौंपा गया है।




