बिहार: दीवाली पर खोलें खुद का डेयरी फार्म! 4 पशु खरीदने पर 2.5 लाख रुपये दे रही है सरकार
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये डेयरी फार्मिं पर फोकस किया जा रहा है. इसके लिये केंद्र और राज्य सरकार ने कई तरह की अनुदान योजनायें भी चलाई है. इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य दूध उत्पादन के साथ-साथ किसानों की आमदनी बढ़ाना है. इसी उद्देश्य के साथ बिहार सरकार ने भी समग्र गव्य विकास योजना की शुरूआत की है. इस योजना के तहत राज्य के किसानों और बेरोजगार युवाओं को डेयरी फार्म खोलने के लिये मवेशियों की खरीद पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी या अधिकतम ढ़ाई लाख तक का अनुदान दिया जायेगा.
डेयरी फार्मिंग के लिये सब्सिडी
बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन ने राज्य के किसानों और युवाओं के लिये समग्र गव्य विकास योजना चलाई है. इसके तहत 2 से लेकर 4 पशुओं की खरीद पर एससी-एसटी, ओबीसी वर्ग के लोगों को 75% की सब्सिडी और सामान्य वर्ग के किसान और युवाओं के लिये 50% तक अनुदान की सुविधा दी जायेगी.

दो मवेशियों पर सब्सिडी
- समग्र गव्य विकास योजना के तहत डेयरी फार्मिंग के लिये 2 दुधारु मवेशी खरीदने की अधिकतम कीमत 1,60,000 रुपये निर्धारित की गई है.
- इस पर एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लाभार्थियों को 1,20,000 रुपये और सामान्य वर्ग को लाभार्थियों को 80,000 रुपये का अनुदान दिया जायेगा
समग्र गव्य विकास योजना@BiharAFRD@saravanakr_n#BiharAnimalAndFisheriesResourcesDept pic.twitter.com/UBaf83RlXG
— IPRD Bihar (@IPRD_Bihar) October 14, 2022
चार मवेशियों पर सब्सिडी
- इस योजना के तहत बिहार में डेयरी फार्मिंग के लिये 4 दुधारु पशुओं की खरीद पर अधिकतम कीमत 3,38,400 रुपये निर्धारित की गई है.
- इस पर एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लाभार्थियों को 2,53,800 रुपये, सामान्य वर्ग के लाभार्थी 1, 69,200 रुपये के अनुदान के पात्र होंगे.

यहां करें आवेदन
बिहार की समग्र गव्य विकास योजना के तहत मवेशियों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिये ऑफिशियल पोर्टल dairy.ahdbihar.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
- इस योजना के तहत आवेदन करने के लिये 20 अक्टूबर 2022 तक की डेडलाइन रखी गई है. इसके बाद आवेदन नहीं लिये जायेंगे.
- योजना के नियमों के मुताबिक, 2 दुधारु पशुओं का डेयरी फार्म (Dairy Farm) कार्यान्वयन राज्य के सभी जिलों में कम्फेड/जीविका करेगी.
- वहीं 4 दुधारु पशुओं के डेयरी फार्म के लिये क्रियान्वयन का काम सभी जिलों के जिला गव्य विकास पदाधिकारी करेंगे. किसान चाहें तो यहां भी अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं.






