समस्तीपुर : जिले में अब मरीजों को सरकारी या निजी एंबुलेंस चुनने का विकल्प मिल सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में निजी एंबुलेंस की संख्या, उनकी उपलब्धता और जरूरत पड़ने पर उनके उपयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए मैपिंग कराई जा रही है। इस व्यवस्था के लागू होने से मरीजों को एंबुलेंस सेवा के अधिक विकल्प मिल सकेंगे। साथ ही, एंबुलेंस का किराया भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत निजी एंबुलेंस को भी 102 व 112 इमरजेंसी सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इसके बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को सरकारी या निजी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
मरीज अपनी सुविधा के अनुसार दोनों में से किसी एक सेवा का चयन कर सकेंगे। किराया निर्धारित रहने से एंबुलेंस सेवा के शुल्क में मनमानी पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि जिले में निजी एंबुलेंस की मैपिंग शुरू की गई है। इसके माध्यम से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि किस क्षेत्र में कितनी निजी एंबुलेंस उपलब्ध हैं और आपात स्थिति में उनका किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निजी एंबुलेंस को सरकारी आपातकालीन सेवा से जोड़ने और किराया निर्धारित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
डीएस के अनुसार, सरकारी और निजी एंबुलेंस सेवा के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मरीजों को लाभ मिलेगा। इससे जरूरत के समय एंबुलेंस की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है। विभाग का लक्ष्य है कि मरीजों को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो और उन्हें एंबुलेंस के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को इसी वर्ष के अंत तक लागू करने की योजना है। हालांकि, इसके लिए मैपिंग, किराया निर्धारण और इमरजेंसी सेवा से निजी एंबुलेंस को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाया जा सकेगा। मुख्यालय का निर्देश है कि इस वर्ष के अंत तक नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू कर दिया जाए।
समस्तीपुर : पुलिस स्मृति दिवस पर बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में कर्तव्य…
बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर 23 अक्टूबर को वोट डाले जायेंगे. इसके बाद 27…
बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान चढ़ा हुआ है। इस बीच विधान परिषद…
बिहार में जमीन का दाखिल-खारिज कराना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले जरूरी कागजात…
फाइल फोटो : बिहार में सरकारी शिक्षकों के तबादले का इंतजार लंबा होता जा रहा…
समस्तीपुर : बेटे के अपहरण की झूठी कहानी और जान से मारने की धमकी देकर…