Samastipur

बाघ एक्सप्रेस में 5 जून से यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, LHB रैक के साथ चलेगी यह ट्रेन

समस्तीपुर : बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली लोकप्रिय 13019/13020 बाघ एक्सप्रेस अब अत्याधुनिक एलएचबी रैक के साथ संचालित की जाएगी। रेलवे द्वारा इस ट्रेन में पारंपरिक उत्कृष्ट रैक की जगह आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगाने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था 5 जून से प्रभावी होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 5 जून को हावड़ा से चलने वाली 13019 हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस तथा 7 जून से काठगोदाम से चलने वाली 13020 बाघ एक्सप्रेस में एलएचबी रैक का उपयोग शुरू कर दिया जाएगा।

सफर होगा अधिक आरामदायक

एलएचबी कोच में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे ट्रेन के झटके कम महसूस होते हैं। लंबे सफर में यात्रियों को अधिक आराम मिलेगा। साथ ही कोच के अंदर चार्जिंग प्वाइंट, बायो-टॉयलेट और बेहतर सीटिंग व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक एलएचबी कोच स्टेनलेस स्टील से बनाए जाते हैं, जिससे इनकी मजबूती बढ़ जाती है। इनमें एंटी-टेलीस्कोपिक डिजाइन लगाया जाता है, जो दुर्घटना की स्थिति में कोचों को एक-दूसरे पर चढ़ने से रोकता है। यही वजह है कि इन्हें पारंपरिक आईसीएफ कोच की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है।

बदलेगा कोच कंपोजिशन

नई रैक व्यवस्था के बाद बाघ एक्सप्रेस में कुल 16 कोच लगाए जाएंगे। हालांकि जनरल श्रेणी के यात्रियों के लिए थोड़ी परेशानी भी बढ़ सकती है, क्योंकि ट्रेन में सामान्य श्रेणी के दो कोच कम कर दिए गए हैं। अभी तक ट्रेन में 6 जनरल कोच लगाए जाते थे, जो अब घटकर 4 रह जाएंगे। वहीं एसी कोचों की संख्या पूर्ववत रहेगी। नए रैक में एक टू एसी, दो थ्री एसी और एक अतिरिक्त एसी कोच सहित कुल चार वातानुकूलित कोच रहेंगे।

तेज रफ्तार के लिए तैयार एलएचबी कोच

एलएचबी कोच को हाई स्पीड ट्रेन संचालन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। जहां पारंपरिक आईसीएफ कोच सामान्यतः 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के लिए उपयुक्त माने जाते हैं, वहीं एलएचबी कोच 160 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार को सहन करने में सक्षम हैं। इन कोचों में सामान्य स्लीपर कोच की तुलना में अधिक जगह भी उपलब्ध होती है। एक आईसीएफ स्लीपर कोच में जहां 72 बर्थ होती हैं, वहीं एलएचबी स्लीपर कोच में 80 बर्थ तक की व्यवस्था रहती है।

Avinash Roy

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