समस्तीपुर/विभूतिपुर : प्रशिक्षण में फर्जीवाड़े की आरोपी प्राथमिक उर्दू विद्यालय आलमपुर की शिक्षिका हेना परवीन पर अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकी है। हैरानी की बात यह है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) द्वारा निलंबन का आदेश जारी किए जाने के बावजूद मामला पंचायत से जिला स्तर तक फाइलों में उलझा हुआ है। कोरम के अभाव में पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई की दो बैठकें बेनतीजा रहीं और दूसरी बैठक की रिपोर्ट भेजे जाने के 10 दिन बाद भी वरीय पदाधिकारी पूरी तरह मौन हैं।
पंचायत सचिव सह नियोजन इकाई सचिव दिवाकर कुमार ने डीईओ के आदेश पर निलंबन कार्रवाई के लिए पहली बैठक 3 जनवरी 2026 को बुलाई थी। इस बैठक में पंचायत सचिव के अलावा उच्च माध्यमिक विद्यालय आलमपुर के प्रधानाध्यापक सह सदस्य अशोक रजक और वार्ड संख्या-4 की वार्ड सदस्या सुनीता देवी उपस्थित रही थी। जबकि मुखिया सह अध्यक्ष, पंचायत समिति सदस्य और अन्य सदस्य अनुपस्थित रहे।
कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका और इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद 16 जनवरी 2026 को दूसरी बैठक बुलाई गई। इस बार भी स्थिति नहीं बदली। बैठक में केवल पंचायत सचिव दिवाकर कुमार और प्रधानाध्यापक अशोक रजक उपस्थित हुए। मुखिया रामनाथ पासवान ने प्रखंड मुख्यालय में आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक में शामिल होने का हवाला देकर पुनः अनुपस्थित रहे। अन्य सदस्य भी नहीं पहुंचे। अध्यक्ष की अनुपस्थिति और कोरम के अभाव में दूसरी बैठक भी स्थगित कर दी गई। दूसरी बैठक के बाद पंचायत सचिव ने पूरी स्थिति की लिखित रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को भेजी।
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