Samastipur

रेल मंत्रालय की मेगा टर्मिनल योजना में समस्तीपुर का नाम नहीं, लोगों में असंतोष

समस्तीपुर : रेल मंत्रालय की ओर से देशभर में 48 मेगा कोचिंग टर्मिनल बनाने की घोषणा ने बिहार की रेल राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना में बिहार के पांच शहरों पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है। एक ओर जहां कुछ इलाकों में इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, वहीं कई क्षेत्रों में इस फैसले से गहरी निराशा भी सामने आई है।

सबसे अधिक असंतोष कोसी-सीमांचल और उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में देखने को मिला है। समस्तीपुर और खगड़िया जैसे प्रमुख रेल जंक्शन का सूची से बाहर रह जाना स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को अखर रहा है। खासकर खगड़िया, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार और अररिया जैसे जिलों में वर्षों से रेल अवसंरचना के विस्तार की मांग उठती रही है। इन जिलों को उत्तर बिहार का महत्वपूर्ण ट्रांजिट और रेल नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जाता है, इसके बावजूद इस बार भी इन्हें किसी बड़ी रेल परियोजना में जगह नहीं मिल सकी।

स्थानीय रेल उपयोगकर्ताओं और सामाजिक संगठनों का कहना है कि हर बार योजनाओं की चर्चा में कोसी-सीमांचल का नाम जरूर आता है, लेकिन अंतिम निर्णय में यह क्षेत्र पीछे छूट जाता है। न्यू फारबिसगंज, ललितग्राम, सहरसा में नए टर्मिनल, पूर्णिया कोर्ट, न्यू कटिहार और खगड़िया टर्मिनल जैसी मांगें लंबे समय से उठाई जाती रही हैं, पर इस बार भी क्षेत्र के हिस्से में सिर्फ इंतजार ही आया है।

दूसरी ओर, मिथिला क्षेत्र के लिए यह घोषणा किसी बड़ी सौगात से कम नहीं मानी जा रही है। दरभंगा को मेगा कोचिंग टर्मिनल मिलने से इलाके में उत्साह का माहौल है। रेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के बाद दरभंगा उत्तर बिहार में रेल कनेक्टिविटी का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

रेल मंत्रालय की योजना के तहत दरभंगा में सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। इसमें नए प्लेटफॉर्म, आधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स, बेहतर कोच मेंटिनेंस सुविधाएं, रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण शामिल है। इसके अलावा स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और शंटिंग सुविधाओं के विस्तार से ट्रेनों के संचालन और रखरखाव में भी बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, मेगा कोचिंग टर्मिनल की यह योजना बिहार के कुछ हिस्सों के लिए विकास का नया द्वार खोल रही है, लेकिन कोसी-सीमांचल जैसे क्षेत्रों को एक बार फिर नजरअंदाज किए जाने से असंतोष और सवाल दोनों खड़े हो गए हैं।

Avinash Roy

Recent Posts

समस्तीपुर में टायर दुकान से 54 पीस नकली ट्यूब किया गया बरामद, नगर थाने में FIR दर्ज

समस्तीपुर : नगर थाना क्षेत्र के मगरदही घाट स्थित छपरा टायर दुकान पर मंगलवार को…

2 घंटे ago

समस्तीपुर में नियमित गैस आपूर्ति को लेकर SDO की वितरकों संग बैठक, गैस वितरण व्यवस्था सुधारने को बनी निगरानी टीम

घबराने की जरूरत नहीं, बुकिंग के तीन दिन में मिलेगा सिलेंडर : एसडीओ समस्तीपुर :…

2 घंटे ago

संजय झा ने नीतीश कुमार को सौंपा राज्यसभा चुनाव में जीत का सर्टिफिकेट, तस्वीर शेयर कर क्या बोले

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को…

6 घंटे ago

केसी त्यागी ने जदयू से दिया इस्तीफा, भविष्य का प्लान भी बताया

पिछले कुछ दिनों से अपनी ही पार्टी के खिलाफ बोल कर चर्चा में रहने वाले…

7 घंटे ago

समस्तीपुर में BPL परिवारों के घरों पर मुफ्त सोलर पैनल, ‘कुटीर ज्योति योजना’ से रोशन होंगे घर

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के गरीब और निम्न आय वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं को राहत…

11 घंटे ago

समस्तीपुर मंडल : अलौली-कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना को गति, 4.5 किमी लाइन के लिए 211 करोड़ की निविदा

समस्तीपुर : अलौली से कुशेश्वरस्थान तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की…

11 घंटे ago