समस्तीपुर : पुलिस थानों में त्वरित सहायता नहीं मिलने की शिकायतें आज भी आम हैं, लेकिन इसी बीच जिले में पुलिस की डायल 112 सेवा आम जनता के लिए राहत का माध्यम बनकर उभरी है। जहां पुलिस पर समय से नहीं पहुंचने और सूचना के बाद भी एक्शन नहीं लेने का आरोप लगता रहता है। वहीं, इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) के तहत संचालित डायल 112 ने संकट व आपात स्थिति में लोगों को तत्काल सहयोग देकर भरोसे की एक नई मिसाल पेश कर रही है।
जनवरी से मार्च 2025 के बीच जिले में इस सेवा पर 19 हजार 900 कॉल्स आए, जिनमें पुलिस ने औसतन 13 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध करायी। जनवरी में 5600, फरवरी में 6200, और मार्च में 8100 मामलों में डायल 112 की टीम सक्रिय रही। सबसे अधिक कॉल्स घरेलू हिंसा, भूमि विवाद, सड़क दुर्घटनाएं, अग्निकांड, तथा सामान्य विधि-व्यवस्था से संबंधित रहे।
हर स्थिति में पुलिस टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ितों को समय रहते राहत पहुंचाई। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में तैनात डायल 112 की पुलिस की जिम्मेदारी अब और बढ़ा दी गई है। इमरजेंसी कॉल को रिस्पॉन्स देने के साथ ही अब डायल 112 की पुलिस थाना की पुलिस को अपना सहयोग कर क्राइम कंट्रोल में भी मदद कर रही है।
एसपी अशोक मिश्रा ने बताया कि इस सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सूचना पर पहुंचने के मामले में डायल 112 का औसत समय 13 मिनट रहा है, जबकि राज्यभर में औसत समय 15 मिनट है। रिस्पॉन्स टाइम को और घटाने का प्रयास भी जारी हैं ताकि किसी भी पीड़ित को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स जैसे कि फेसबुक और एक्स पर भी डायल 112 सेवा से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए आमजन को जागरूक किया है।
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