समस्तीपुर :- समस्तीपुर सदर अस्पताल परिसर में बन रहे मेटरनिटी एंड चाइल्ड हॉस्पिटल नये वर्ष 2024 के जून माह तक बन कर तैयार हो जाने की उम्मीद है। इस पांच मंजिला हॉस्पिटल को 33 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इसमें मातृ और शिशु के लिए 100 बेड की व्यवस्था होगी। इसके बन जाने से गंभीर रूप से बीमार नवजातों और उनकी माताओं को DMCH और PMCH जाने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। उनका यहीं इलाज हो सकेगा।
इसके बन जाने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत मिलेगी और वह निजी क्लिनिक के आर्थिक दोहन से बचेंगे। इसमें मां और नवजात के इलाज से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें अत्याधुनिक सुविधा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावे पैथोलॉजीकल जांच की भी व्यवस्था होगी। इस MCH हॉस्पिटल शुरू होने पर जच्चा-बच्चा को बेहतर इलाज मिल सकेगा, जिससे मौतों में आएगी कमी।
बताते चले कि सदर अस्पताल में हर महीने 800 से 900 प्रसव होता है। उसके अनुपात में यहां बेडों की संख्या काफी कम है। कभी-कभी जरूरत पड़ने पर मल्टीपर्पस रूप में इस्तेमाल के लिए नशा मुक्ति वार्ड के खाली पड़े वार्ड में भी प्रसूताओं को वहां भर्ती किया जाता है। क्योंकि नार्मल प्रसव होने के बाद प्रसूताओं को एक से दो दिन और सिजेरियन विधि से प्रसव होने के कारण प्रसूताओं को चार से पांच दिन वार्ड में ही रुकना होता है।
वहीं कई बार जच्चा-बच्चा की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए DMCH और PMCH रेफर करना मजबूरी होता है। रेफर के दौरान कई बार समय से इलाज नहीं मिल पाने के कारण जच्चा-बच्चा की रास्ते में ही मौत हो जाती है। MCH अस्पताल के बन जाने पर इलाज के अभाव में असमय होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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