समस्तीपुर :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समस्तीपुर नगर इकाई के द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी का पुतला दहन किया गया एवं जिला समाहर्ता को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं का जत्था पटेल मैदान से निकलकर शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए ओवर ब्रिज के पास पहुंचा। कार्यकर्ताओं के द्वारा कोचिंग एक्ट लागू करने, गैर निबंधित कोचिंग संस्थानों को बंद करने समेत अन्य मांगों को लेकर नारे लगाए गए।
मौके पर जिला संयोजक मुलायम सिंह यादव ने कहा कि जिले में अधिकांश कोचिंग संस्थान बिहार कोचिंग एक्ट के अंतर्गत निबंधित नहीं है। फिर भी जिला शिक्षा विभाग कुंभकर्ण निंद्रा में सोया हुआ है। 11 वर्षों पहले बना कोचिंग एक्ट जिले में विभागीय सुस्ती से अब तक लागू नही हुआ है। ऐसे में बिना पंजीयन के ही दर्जनों कोचिंग संस्थानें चल रही है।
दरअसल जिले में सैकड़ों की संख्या में ऐसे कोचिंग संस्थान संचालित है जहां ना तो विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं हैं और ना ही विभागीय अफसरों को ही इसकी चिंता है। बता दें कि 11 साल पहले बने कोचिंग एक्ट को लागू करवाने में जिला प्रशासन अभी तक कोई कारगर पहल नहीं कर पाया है। इसका फायदा उठाकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कोचिंग संस्थानों की बाढ़ सी आ गई है। हर गली मोहल्ले में बिना रजिस्ट्रेशन के ही कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं।
बता दें कि बिहार कोचिंग संस्थान नियंत्रण व विनियमन अधिनियम 2010 के तहत क्षेत्र में चल रहे सभी कोचिंग सेंटर को शिक्षा विभाग से निबंधन कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद भी नियमों को ताक पर रखकर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कोचिंग सेंटर बिना निबंधन के चल रहे हैं। साल 2010 में बने अधिनियम के 12 साल बीत जाने के बाद भी बिना रजिस्ट्रेशन के ही आए दिन कोचिंग संस्थान खुल रहे हैं।
शहर सहित ग्रामीण इलाकों में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित कोचिंग सेंटरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बीते वर्षों में कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विभाग की ओर से पहल की गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ही सुस्त पड़ गया है। वहीं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुपम कुमार झा ने कहा कि अधिकतर कोचिंग संस्थानों में मूलभूत सुविधा जैसे साइकिल स्टैंड, स्वच्छ पेयजल, शौचालय की भी सुविधा नहीं होना जिला शिक्षा पदाधिकारी की निष्क्रियता को दर्शाता है। अगर 15 दिनों के अंदर गैर निबंधित कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद पूरे जिले में चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी जिसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी।
मौके पर कुंदन यादव, अमरजीत कुमार, अंकित सिंह, सिंटू पांडे, अंशु कुमार चौधरी, प्रिंस झा, चंदन याजी, रोशन आनंद, नीरज कुमार निराला, आर्य निक्कू, प्रतीक कुमार, सचिन कुमार, सौरभ कुमार, अभिषेक कोहली, यशवंत कुमार, अंकित कुमार, मनीष चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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