समस्तीपुर :- बिहार स्वास्थ्य संघ के द्वारा गुरुवार को हड़ताल का आवाह्न किया गया। हड़ताल के कारण राज्यभर के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद है। संघ के द्वारा बताया गया है कि डॉक्टर बायोमेट्रिक अटेंडेंस समेत 17 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर आ गए हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना दे दी गयी है।
समस्तीपुर सदर अस्पताल में भी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए सरकार के विरोध में डाक्टरों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा पूर्णतः बाधित रही। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही सुचारू रूप से चली।
हड़ताली चिकित्सकों ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा अन्य सेवाओं से अलग है। अतः बायोमेट्रिक प्रणाली को चिकित्सकों व पैरा मेडिकल के लिए लागू करने से पूर्व व्यवहारिक पक्ष को देखा जाना चाहिए। राज्य की मानवाधिकार आयोग ने भी अपने 2013 के फैसले में सरकार को इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिया है।
संघ की मांग है कि चिकित्सकों का ड्यूटी आवर्स निर्धारित किया जाए, राज्य में चिकित्सकों की कमी दूर किया जाए, चिकित्सकों को आवासीय सुविधा प्रदान की जाए, सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाए, वर्तमान सुरक्षा कानून को संशोधित करते हुए प्रभावी बनाने, मूल वेतन का 50 प्रतिशत ग्रामीण भत्ता, महिला चिकित्सकों के पदस्थापन को रिकांसिलेशन करते हुए सुरक्षा के ठोस कदम उठाए जाएं ताकि बेहतर वातावरण में कार्य किया जा सके।
बता दें कि सदर अस्पताल के ओपीडी में चिकित्सकों ने हड़ताल को लेकर मरीजों का इलाज नहीं किया। इस वजह से मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। जिसके चलते मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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