समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक हुई स्थिर, पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर

advertisement krishna hospital 2

व्हाट्सएप पर हमसे जुड़े 

समस्तीपुर :- समस्तीपुर में बूढ़ी गंड़क का जलस्तर जहां बुधवार को स्थिर हो गया वहीं बागमती के जलस्तर में कमी आयी है। उधर, गंगा का जलस्तर पिछले दो दिनों से स्थिर है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी बूढ़ी गंडक व बागमती खतरे के निशान से ऊपर ही बह रही है। बुधवार सुबह बूढ़ी गंडक का जलस्तर 48.15 मी पाया गया। यह जलस्तर मंगलवार सुबह भी था। जलस्तर के स्थिर होने के बावजूद नदी के खतरे के निशान (45.73 मी) से ऊपर बहने से विभिन्न तटबंधों पर पानी का दबाव बरकरार है। रेल पुल पर पानी के कारण बुधवार को भी ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। उधर, मोहनपुर में गंगा का जलस्तर भी स्थिर रहा।

बागमती के उफान में भी आयी कमी, परेशानी बरकरार :

बागमती के जलस्तर में बुधवार को हल्की कमी दर्ज की गई। हालांकि बाढ़ पीड़ितों की समस्या बरकरार है। वाटरवेज बांध के अंदर बसे कलौंजर, नामापुर, नामापुर दरियापार, सोरमार व बेलसंडी पंचायत के दो दो वार्ड बागमती के पानी से चारों तरफ से घिरे हैं। इन इलाकों के सभी मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी रहने से नौका ही आवागमन की साधन बना हुआ है।

कलौंजर के अवधेश ठाकुर ने बताया कि गंगौरा से लदौरा मुख्य सड़क के डगराहा पुल के समीप सरकारी नौका का सही से परिचालन नही होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वही नामापुर, फुलहट्टा, गंगौरा, रामजाननगर, सलहा आदि गांव के दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग ऊंचे स्थान पर शरण लिये हुए हैं। पिछले तीन दिनों से उमस भरी गर्मी ने विस्थापित परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है।

बाढ़ पीड़ितों के सामने सबसे बड़ी समस्या पशुचारा की है। वाटरवेज बांध के अंदर बसे चौड़ में बाढ़ का पानी खेतों में रहने के कारण पशु चारा बर्बाद हो चुका है। पशुपालक पशुचारा के लिए लंबी दूरी तय कर घंटो मेहनत कर पशु चारा जुटा रहे है। इधर बूढ़ी गंडक नदी भी स्थिर है। लेकिन बलहा, गोराई, सैदपुर, सोमनाहा के ढाब में पानी रहने के कारण ढाब में बसे लोग बूढ़ी गंडक तटबंध पर शरण लिए हुए हैं।

Advertisement Pathsala educators

Advertisement siksha kunj

Advertise your business with samastipur town

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal