देश में खत्म हो जाएंगे टोल प्लाजा, अब इस तकनीक से होगी वसूली, गडकरी ने दी जानकारी

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देश में सड़कों और राजमार्गों को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है. लोगों को सहूलियत देने के लिए ऐसे एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं, जिनमें सफर के दौरान समय की बचत हो. इस बीच राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से 2024 तक देश में 26 ग्रीन एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा. इनसे प्रमुख शहरों के बीच दूरी और समय घटेगा. इसके साथ गडकरी ने कहा कि मंत्रालय टोल प्लाजा खत्म करके दो नई तकनीकों के विकल्प पर विचार कर रहा है, जिनसे टोल वसूली की जाएगी.

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जैसे ही इन हाईवे का काम पूरा होगा तो दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से हरिद्वार और दिल्ली से जयपुर आने-जाने के समय में दो घंटे की कटौती हो जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली से चंडीगढ़ जाने में तब महज ढाई घंटे का समय लगेगा, दिल्ली से अमृतसर जाने में महज चार घंटे का समय लगेगा. इसके साथ ही दिल्ली और मुंबई के बीच का सफर 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. उन्होंने यह भी कहा है कि भारत में अमेरिका जैसी सड़कें बनाने की मैं गारंटी लेता हूं.

सैटेलाइट से होगी टोल वसूली!

गडकरी ने देश के टोल प्लाजा पर बढ़ रही वाहनों की संख्या पर कहा कि परिवहन मंत्रालय इस ओर कदम बढ़ाकर टोल प्लाजा को हटाकर कई नई तकनीकों पर विचार कर रहा है. इससे जाम से निजात मिलेगी. उन्होंने इसके लिए दो तकनीकों का उदाहरण दिया. उनके अनुसार पहली तकनीक के तहत वाहन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा होगा, जो हाईवे पर सैटेलाइट के जरिये वाहन मालिक के बैंक खाते से सीधे टोल का पैसा काटने में मदद करेगा.

वहीं दूसरा विकल्प वाहनों की नंबर प्लेट है. उन्होंने कहा कि 2019 से सरकार ने नई तरह की नंबर प्लेट जारी की हैं. इनमें नई तकनीक का प्रयोग किया गया है. टोल के लिए इसमें एक कंप्यूटराइज्ड सिस्टम होगा जो सॉफ्टवेयर की मदद से टोल वसूला जाएगा. उन्होंने बताया कि इस तकनीक के तहत हाईवे पर जिस प्वाइंट से वाहन प्रवेश करेगा, वहां वो दर्ज हो जाएगा.

इसके बाद जिस प्वाइंट पर वो हाईवे से बाहर जाएगा, वहां वो दर्ज हो जाएगा. इस दौरान जितने भी किलोमीटर वाहन हाईवे पर चला होगा, उस हिसाब से वाहन मालिक के बैक खाते से टोल काट लिया जाएगा. गडकरी के मुताबिक अभी मंत्रालय के पास इस तकनीक के बारे में ज्यादा समझ नहीं है. लेकिन जल्द ही ऐसा संभव हो सकता है. शायद एक महीने में ही.

Avinash Roy

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