जीआरपी थाने से शराब बेचने के मामले में समस्तीपुर न्यायालय ने जीआरपी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष एनके सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को रद्द करते हुए तुरंत सरेंडर करने का सुझाव दिया है। कोर्ट ने पूर्व थानाध्यक्ष द्वारा जमानत याचिका दायर करने पर गत मंगलवार तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बुधवार को इस मामले में बहस के बाद कोर्ट ने पूर्व थानाध्यक्ष को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
उधर, फरारी की स्थिति को देखते हुए कांड के अनुसंधानक ने पूर्व थानाध्यक्ष के घर की कुर्की के लिए गुरुवार को कोर्ट में प्रे किया है। माना जा रहा है कि एक दो दिनों के अंदर कुर्की वारंट निर्गत होते ही पूर्व थानाध्यक्ष के घर की कुर्की होगी।
शराब मामले में जांच के दौरान पुलिस को स्टेशन का सीसीटीबी फुटेज मिला था। जिसमे तीन चार पुलिस कर्मी के साथ एक बंदी व बैग आदि दिख रहा था। बंदी को थाने की ओर लाया जा रहा था। फोटो के आधार पर सिपाहियों की पहचान के बाद उन लोगों का बयान लिया था। उक्त सिपाहियों ने ट्रेन में शराब कारोबारी व शराब बरामद करने के साथ ही बंदी को थाने में शराब के साथ सुपुर्द करने की बात बतायी थी।
लेकिन थाने में इस तरह के किसी भी बंदी का रिकार्ड नहीं मिला था। जब टीम थाने में छापेमारी कर रही थी तो सिपाहियों के बयान में बताया गया 295 बोतल शराब व जिस रंग के बैग की बात कही गई थी वह कमरे से मिला था। उस कमरे में सिपाही जितेंद्र सिंह भी मिला था। रेल एसपी अशोक कुमार प्रसाद ने तत्कालीन थानाध्यक्ष को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।
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