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बिहार विधान परिषद में बहाल 10 निम्नवर्गीय लिपिक एवं 33 डाटा इंट्री ऑपरेटरों के दक्षता(स्किल टेस्ट) की पुनः जांच होगी। विधान परिषद के उप सचिव ने शुक्रवार को पत्र जारी कर इन सभी अभ्यर्थियों को 18 नवंबर को जांच के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
विधान परिषद सचिवालय ने कहा है कि इनके टंकण (हिन्दी/अंग्रेजी) की व्यावहारिक दक्षता जांच 18 नवंबर को परिषद सचिवालय में होगी। अंतिम परीक्षाफल में सफल सभी अभ्यर्थियों के लिए इस जांच में शामिल होना अनिवार्य है। गैरहाजिर अभ्यर्थी अयोग्य हो जाएंगे। अभ्यर्थियों को इसकी सूचना आवेदन में अंकित मोबाइल नंबर एवं ई-मेल पर भेजी जाएगी। इस बीच, बिहार के महाधिवक्ता एचडी संजय से कार्यकारी सभापति ने इस मसले पर रायशुमारी की। जल्द ही महाधिवक्ता विधानसभा सचिवालय को विधिक राय से अवगत करांएंगे।
इससे पहले बिहार विधान परिषद में 122 पदों पर बहाली मामले में परिषद सचिवालय ने नव चयनित कर्मियों के कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इनमें 10 एलडीसी, सात आशुलिपिक, 33 डाटा इंट्री ऑपरेटर, 14 सुरक्षाकर्मी और 15 कार्यालय परिचारी हैं। अचानक प्रवेश रोके जाने से नाराज कर्मचारी दिनभर परिषद परिसर में बने पार्क और पार्किंग एरिया में बैठे रहे। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि वे ऊपर से मिले निर्देश का पालन कर रहे हैं।
पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई थी बहाली
इन कर्मियों की नियुक्ति पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई थी। नवनियुक्त कर्मियों के अनुसार, 10 सितंबर को उनकी ज्वाइनिंग कराई गई थी। इसके बाद से वे नियमित रूप से कार्यालय आ रहे थे और अपनी उपस्थिति भी दर्ज करा रहे थे। गुरुवार तक सबकुछ सामान्य था, पर शुक्रवार को अचानक उन्हें कार्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया गया। उनकी हाजिरी भी हटा दी गई है। एक नवनियुक्त कर्मी ने बताया कि नियुक्ति से संबंधित मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। तीन नवंबर को मामले में सुनवाई हुई थी।
योग्यता जांच के लिए बुलाने पर नहीं पहुंचे थे कर्मी
विधान परिषद सचिवालय ने सात पदों पर नियुक्त निजी सहायकों को उनकी पुन: दक्षता जांच को लेकर चार नवंबर को बुलाया था। मगर एक भी अभ्यर्थी नहीं पहुंचे। परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ली जानी थी। परिषद सचिवालय ने सभी को 18 नवंबर को एक और मौका देने का निर्णय लिया है।
क्या बोले कार्यकारी सभापति?
अभ्यर्थियों को लेकर विधान परिषद सकारात्मक है। कार्यरत कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए सरकार को बजट प्रस्ताव भेजकर राशि भी ली गई है। लेकिन, उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों को लेकर योग्यता की जांच जरूरी है। विधान परिषद सचिवालय द्वारा गठित आंतरिक कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। –रामवचन राय, कार्यकारी सभापति, बिहार विधान परिषद
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