महिला सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार और किसानों की आमदनी बढ़ाना—बिहार बजट 2026-27 का यही मूल स्वर है। सरकार ने इस बार विकास की धुरी आम लोगों को बनाते हुए महिलाओं की आर्थिक मजबूती, युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते और किसानों के लिए खेती को फायदे का सौदा बनाने पर जोर दिया है। इसी सोच के साथ बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है।
3.47 लाख करोड़ का बजट, विकसित बिहार का दावा
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए इसे “विकसित बिहार” की ओर निर्णायक कदम बताया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 3.17 लाख करोड़ रुपये से काफी बड़ा है। सरकार का दावा है कि इसमें समाज के हर वर्ग—महिला, युवा, किसान और गरीब—को केंद्र में रखकर योजनाएं तैयार की गई हैं।
सात निश्चय-3 से तय होगा विकास का रास्ता
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार “सात निश्चय-3” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। लक्ष्य है बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना। उन्होंने बताया कि राज्य की आर्थिक विकास दर 14.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान—इन पंचतत्वों पर आधारित विकास मॉडल को आधार बनाया गया है।
महिलाओं के लिए क्या खास? आत्मनिर्भरता पर जोर
इस बजट में महिला सशक्तिकरण को प्रमुख स्थान दिया गया है। सरकार के अनुसार अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल चुका है। महिलाओं को ₹10,000 की वित्तीय सहायता, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत करने का संकेत दिया गया है। आने वाले वर्षों में महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता पर खर्च बढ़ाया जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार और निवेश की बड़ी उम्मीद
बजट में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास फोकस है। औद्योगिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित करने का रोडमैप पेश किया गया है। सरकार का दावा है कि लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, जिससे लाखों नौकरियां पैदा होंगी। स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के लिए चौथा कृषि रोडमैप
किसानों के लिए चौथे कृषि रोडमैप को जारी रखने की घोषणा की गई है। इसके तहत सिंचाई, उत्पादन, भंडारण और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाया जाएगा। स्थानीय हाट-बाजार के विकास पर जोर देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती टिकाऊ बनेगी।
गरीब परिवार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी नजर
बजट में 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास पर खर्च बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही पांच नए एक्सप्रेस-वे, सस्ते मकान और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का रोडमैप भी पेश किया गया है।
उम्मीदों का बजट, जमीन पर उतरने की चुनौती
कुल मिलाकर बिहार बजट 2026 उम्मीदों से भरा दिखता है। महिला, युवा और किसान केंद्र में हैं, लेकिन असली परीक्षा अब इन घोषणाओं के अमल की होगी। लोगों की नजर इस पर टिकी है कि ये वादे कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं और आम बिहारवासी को इसका कितना लाभ मिल पाता है।
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