राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने दावा किया है कि पटना में राबड़ी देवी के आवास पर तब उन्हें गाली दी गई और चप्पल मारा गया, जब उन्होंने चुनाव में राजद की हार के कारणों को लेकर संजय यादव और रमीज का नाम लिया। रोहिणी ने कहा कि उनको परिवार से निकाल दिया गया है। लालू को किडनी देकर जीवनदान देने से चर्चा में आईं रोहिणी ने कहा कि पार्टी चलाने वाले हार की जवाबदेही लेने के लिए तैयार नहीं हैं। रोहिणी ने कहा कि सारे लोग पार्टी की हार के कारण पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन संजय यादव और रमीज का नाम लेने पर घर से निकाल दिया जाता है।
राबड़ी देवी के घर से भरी आंखों के साथ बाहर निकलीं रोहिणी ने वहां मौजूद पत्रकारों के सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और सीधे कार से पटना एयरपोर्ट निकल गईं। एयरपोर्ट पर राबड़ी के आवास पर बदसलूकी से व्यथित दिख रहीं रोहिणी ने मीडिया से जो कहा, उससे यह साफ है कि तेजस्वी और संजय यादव पार्टी की हार की जिम्मेदारी नहीं लेने को तैयार नहीं हैं। रोहिणी आचार्या, तेज प्रताप यादव और दूसरे लोगों और दूसरी वजहों को विलेन बनाकर पराजय से पल्ला झाड़ लेने की कोशिश चल रही है।
रोहिणी आचार्या ने कहा- ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। आप संजय, रमीज, तेजस्वी यादव से पूछिए। मेरा कोई परिवार नहीं है। वही लोग निकाला है हमको परिवार से। क्योंकि जिम्मेदारी लेनी नहीं है उनको। जो चाणक्य बनेगा तो चाणक्या से ना आप सवाल पूछिएगा। जब कार्यकर्ता चाणक्य से सवाल कर रहा है, पूरा देश-दुनिया सवाल कर रहा है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ। जब संजय, रमीज का नाम लीजिए तो आपको घर से निकाल दिया जाएगा, आपको बदनाम किया जाएगा, आपको गाली दिलवाया जाएगा, आपके ऊपर चप्पल उठाकर मारा जाएगा।’
रोहिणी ने शनिवार को दोपहर में ट्वीट किया था कि चुनाव से पहले उन्हें संजय यादव और रमीज ने कहा था कि वो राजनीति और लालू परिवार से दूर रहें, लेकिन हार का दोष अकेले उन पर डाला जा रहा है। याद दिला दें कि सितंबर में तेजस्वी यादव की यात्रा के दौरान यात्रा बस में तेजस्वी की सीट पर संजय यादव के बैठने पर रोहिणी ने सार्वजनिक आपत्ति जताई थी।
उस प्रकरण के बाद रोहिणी आचार्या के खिलाफ सोशल मीडिया पर संगठित तरीके से अभियान चला, जिसके बाद कई बार उन्होंने कहा कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है, ना उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ना है, ना पार्टी या सरकार में पद चाहिए, ना कोई टिकट दिलवाना है और ना राज्यसभा जाना है। हालांकि बाद में वो चुनाव प्रचार के लिए भी आईं।
चुनाव में महागठबंधन और राजद की शर्मनाक हार के बाद हार के कारण और विलेन की तलाश चल रही है। इसको लेकर लालू यादव के परिवार में झगड़ा हो गया है। तेजस्वी यादव के भरोसेमंद सलाहकार संजय यादव सबके निशाने पर हैं, जो महागठबंधन के सीट बंटवारे से लेकर टिकट का फैसला करने में शामिल रहे। रोहिणी ने संजय के साथ-साथ रमीज को भी निशाने पर लिया है, जो पहले कम चर्चा में थे।
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