सहरसा से दिल्ली जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस में टिकट विवाद के बाद एक यात्री से 10 हजार रुपये जुर्माना लेने का मामला सामने आया है. रेलवे कर्मचारियों की ओर से की गई इस गलती के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया और यात्री को उसकी राशि वापस कर दी गई.
आयुष आनंद नामक यात्री ने बताया कि उन्होंने गाड़ी संख्या 12553 से यात्रा शुरू की थी. बरौनी स्टेशन के बाद एक टीटीई ने उनसे उलझते हुए कन्फर्म टिकट होने के बावजूद 10 हजार रुपये जुर्माने के तौर पर मांगे. यात्री पर दबाव डालकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से पैसे भी ले लिए गए. लेकिन जब यात्री ने जुर्माने की रसीद मांगी, तो रेलवे स्टाफ ने इसे देने से इनकार कर दिया, जिससे यात्री ने अधिकारियों को टैग करते हुए शिकायत की.
शिकायत मिलने के बाद रेल मदद की ओर से तुरंत कार्रवाई की गई. सीटीटीआइ बरौनी और समस्तीपुर को मामले की सूचना दी गई और जांच शुरू की गई. ऑन ड्यूटी टीटीई ने स्वीकार किया कि यात्री ने गलत नंबर पर पैसे ट्रांसफर किए थे, जिसके बाद सीटीटीआइ की मौजूदगी में पूरी राशि यात्री को लौटा दी गई.
हालांकि जुर्माने की राशि लौटाने की कार्रवाई के बाद भी कई सवाल उठने लगे हैं, जैसे कि जुर्माने के नाम पर किस नंबर पर पैसे लिए गए. जांच प्रक्रिया जारी है और अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है. रेलवे अधिकारियों ने कहा कि संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है. जांच रिपोर्ट के बाद अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
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