बिहार के जदयू और लोजपा के शीर्ष नेताओं के समर्थकों ने शनिवार को जमकर बवाल काटा. शिवहर में स्थिति इस कदर तनावपूर्ण हो गई कि जिले के आला अधिकारियों को सड़क पर उतरकर विधि-व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कमान संभालनी पड़ी. पूर्व सांसद आनंद मोहन एवं विधायक चेतन आनंद ने पिछले दिनों लोजपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर तीखी टिप्पणी की थी. इसी को लेकर शनिवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के खिलाफ गलत बयान देने के आरोप लगाते हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन एवं विधायक चेतन आनंद का चिराग समर्थकों ने पुतला फूंका.
हालाँकि आनंद मोहन पिता पुत्र का पुतला फूंकने की खबर जैसे ही उनके समर्थकों को लगी बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर गये. आनंद मोहन के समर्थकों एवं क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा चिराग पासवान का भी पुतला दहन किया गया. दोनों पक्षों से पुतला फूंकने की इस घटना से स्थिति तनावपूर्ण हो गई. घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस प्रशासन को लगी बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया. इतन ही नहीं खुद आला अधिकारियों ने व्यवस्था संभालने के लिए सड़क पर उतरकर मोर्चा थामा.
दरअसल, लोजपा (रा ) के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष भागीरथ पासवान के नेतृत्व एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति महासंघ के तत्वाधान में शहर के जीरोमाइल चौक पर लोजपा (रा ) विधायक चेतन आनन्द व पूर्व सांसद आनन्द मोहन क पुतला फूंका गया. इस दौरान जिला अध्यक्ष विजय कुमार पांडे भी उपस्थित रहे. इसी बीच फ्रेंड्स ऑफ आनन्द व लोजपा समर्थकों में शहर के जीरोमाइल चौक पर सीधी भिंड़त हो गई. माहौल बिगड़ते देख वरीय अधिकारी को सूचना दी गयी.
मौके पर डीसीएलआर, एसडीएम अविनाश कुणाल, एसडीपीओ सुशील कुमार, नगर थाना अध्यक्ष अभय कुमार सिंह, बीडीओ राहिल, फतहपुर थाना, पिपराही थाना समेत भारी संख्या में बीएमपी को तैनात किया गया है. तब जाकर मामला नियंत्रित हुआ है. पुतला दहन के कार्यक्रम में सांसद व विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गये. वहीं इसके विरोध में आनंद मोहन के समर्थकों एवं क्षत्रिय महासभा के द्वारा चिराग पासवान का पुतला दहन करते हुए नारेबाजी की गई.
चिराग पर गंभीर आरोप :
शिवहर के विधायक चेतन आनंद ने एलजेपी आर प्रमुख चिराग पासवान पर गंभीर आरोप लगाए थे. चेतन आनंद ने फेसबुक पर लिखा, “सच में अब वह समय आ गया है कि चिराग जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वो एनडीए में हैं भी या नहीं? मांझी जी द्वारा खाली एनडीए की सिर्फ एक सीट थी इमामगंज जहां एनडीए की सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा फंसी थी. दीपा मांझी जी के सामने कोई जितेंद्र पासवान खड़े थे. वह 37 हजार वोट ले आते हैं! यह बताता है कि या तो आप इसलिए नहीं गए कि आप वहां वोट ट्रांसफर नहीं करा सकते थे, या आप जीतन राम मांझी जी को उनके घर में उन्हें नीचा दिखाना चाहते थे, या फिर जन सुराज से अंदरखाने आपकी कोई ‘डील’ थी!”
चिराग का जवाब :
चिराग ने जोर देकर कहा कि आनंद मोहन संगीन आरोपों के कारण जेल में थे और अब उन्हीं दलित समाज पर उंगली उठा रहे हैं. नीतीश कुमार की कृपा से आनंद मोहन जेल से बाहर आए. चिराग ने चेतन आनंद पर एनडीए को कमजोर करने का आरोप लगाया.
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