बिहार के सीवान और सारण जिलों में शराब पीने से मौत का सिलसिला जारी है। दोनों जिलों में कुल मिलाकर अब तक कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है। शराब पीकर बीमार होने के बाद कई लोग चोरी छिपे इलाज करा रहे हैं। हालांकि प्रशासन की और से अपील की गई है कि शराब पीने वाले इसकी जानकारी दें, सरकार उनका इलाज कराएगी। सीवान और छपरा में शराब पीने के नए नए केस भी सामने आ रहे हैं। इस बीच राज्य से मद्य निषेध मंत्री रत्नेश सदा का बड़ा बयान सामने आया है । शराब पीने से मौत के मामलों पर दुख जताते हुए मंत्री ने कहा है कि शराब माफिया और कारोबारियों के खिलाफ सीसीए लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से खुद इसे बारे में बात करेंगे।
एक न्यूज चैनल के साथ बात करते हुए मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सीवान और छपरा में जो घटना पिछले दो तीन दिनों में हुई है वह बहुत दुखद है। जिन परिवारों के लोग मरे हैं या किसी अन्य रूप में शिकार बने हैं उनके प्रति सरकार की गहरी संवेदना है। मंत्री ने कहा कि घटना के बाद उत्पाद अधीक्षक और मद्य निषेध विभाग के पदाधिकारी प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। मामले की जांच के लिए एस आई टीम का गठन कर दिया गया है। जो भी दारू बना रहा है या कच्चा दारू का इस्तेमाल कारोबार के लिए कर रहा है उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। बाहर से दारू लाकर बेचने और पिलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। जो भी दोषी होंगे वे बख्शे नहीं जाएंगे।
मंत्री रत्नेश सदा ने यह भी कहा कि इस मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विभाग के सेक्रेट्री से बात करेंगे और शराब माफिया के खिलाफ सीसीए लगाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार में शराबबंदी का बहुत फायदा हुआ है। लेकिन सामाजिक जागरुकता भी बहुत जरूरी है। जब तक शराब माफिया का प्रतिकार सामाजिक स्तर पर नहीं होगा तबतक शराबबंदी का पूरा लाभ नहीं मिलेगा। शराबंदी के कारण कोई भी प्रत्यक्ष तौर पर न तो शराब बेच सकता है और नहीं पी सकता है। यह शराबबंदी से संभव हुआ है।
इधर शराब पीने से छपरा और सीवान में अबतक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अभी भी बीमार हैं। प्रशासन पोस्टमार्टम के बाद किसी नतीजे पर पहुंचने की बात कह रही है लेकिन मरने वालों के परिजन चिल्लाकर कह रहे हैं कि उनके घर के लोग शराब पीकर मौत के शिकार बने हैं। इस बीच प्रशासन की ओर एक्शन भी लिया गया है। छपरा में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जबकि दो चौकीदार के साथ भगवानपुर थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। एसआईटी बनाकर कांड की जांच की जा रही है। एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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