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बिहार के सारे बच्चे हासिल कर रहे प्राथमिक शिक्षा, प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉप आउट दर शून्य…

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बिहार के प्रारंभिक स्कूलों में राज्य के सारे बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं. कोई बीच में स्कूल नहीं छोड़ रहा है. यह जानकारी बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में सामने आयी है. सर्वेक्षण में बताया गया है कि प्राथमिक में ड्रॉप आउट दर शून्य है. बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि उच्च प्राथमिक स्कूलों में भी ड्रॉप आउट दर 2022-23 में सिर्फ 2.77 फीसदी रह गयी है. यह एक सकारात्मक संकेत है.

ड्रॉप आउट दर में 40 प्रतिशत की गिरावट

माध्यमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर में वर्ष 2015-16 की तुलना में 2022-23 के बीच 40 प्रतिशत की गिरावट आयी है. खास बात यह है कि वर्ष 2022-23 में पहले के तमाम रुझानों को पलटते हुए उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर लड़कियों की ड्रॉप आउट दर काफी कम हैं. साथ ही वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच माध्यमिक स्तर पर लड़कियों स्कूल छोड़ने की दर में 36.20 प्रतिशत और लड़कों की दर में 42.54 प्रतिशत की कमी आयी है.

पटना, पूर्वी चंपारण और गया में सबसे अधिक स्कूल

ताजा सर्वेक्षण बताता है कि वर्ष 2022-23 में विद्यालयों की संख्या के लिहाज से सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले तीन जिले पटना (3876 स्कूल), पूर्वी चंपारण में (3563 स्कूल) और गया (3537 स्कूल) है. इसके विपरीत सबसे कम विद्यालयों वाले तीन जिलों में शिवहर में 455, शेखपुरा में 517 और अरवल में 619 स्कूल हैं.

शिक्षा के व्यय में हुआ इजाफा

राज्य में शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय पिछले करीब एक दशक (2012-13 से 2022-23) में 11.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है. सर्वेक्षण के मुताबिक शिक्षा पर वित्तीय वर्ष 2012-13 में सार्वजनिक व्यय करीब 14321.15 करोड़ रुपये था. अब वर्ष 2022-23 में शिक्षा का यह व्यय 43699.54 करोड़ हो गया है. शिक्षा के कुल व्यय को बांटकर देखें तो पता चलता है कि इस अवधि में राजस्व व्यय 2.9 गुना और पूंजीगत व्यय 7.4 गुना बढ़ा है.

शिक्षकों की नियुक्ति ने तोड़े कई रिकॉर्ड

राज्य के सरकारी विद्यालयों में बीपीएससी से प्रथम चरण में 1.95 लाख और दूसरे चरण में 73281 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. इस तरह राज्य में 2023-24 में कुल 1.78 लाख शिक्षकों की नियुक्ति हुई है. इसमें कक्षा एक से पांच में 63852, कक्षा छह से आठ में 19621, कक्षा नौ से 10 वीं तक 37760 और कक्षा 11 और 12 वीं में 56696 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. इतनी बड़ी संख्या में हुई नियुक्तियों के कारण शिक्षा व्यवस्था अब काफी सुधार हो रहा है.

Avinash Roy

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