सदियों की तपस्या, संघर्ष एवं बलिदान के बाद अयोध्या में जन्मभूमि पर भगवान श्रीरामलला के अपने गर्भगृह में प्रवेश तथा प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर जगत जननी भगवती जानकी की धरती मिथिला के श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है. राम दर्शन का यहां के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अपने-अपने स्तर से इसे लेकर तैयारी कर रहे हैं. शहर से लेकर गांव तक भगवा झंडा लहरा रहे हैं. घरों के मुंडेर से लेकर वाहनों तक पर हाथों में धनुष थामे मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के चित्र वाले झंडे भक्तों के हृदय में उठते भक्ति की हिलोरे का एहसास करा रहे हैं.
22 जनवरी सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर में प्रभु के बाल स्वरूप रामलला की प्रतिमा अपने गर्भ गृूह में स्थापित हुई है. इसको लेकर संपूर्ण मिथिला राममय हो चुकी है. इस मौके पर प्रत्यक्ष उपस्थित नहीं हो पाने की कसक के बीच प्राय: सभी श्रद्धालु 22 जनवरी के बाद प्रभु श्रीराम के दर्शन की योजना में हैं. इसके लिए ट्रेन में अग्रिम आरक्षण अभी से बुक करा रहे हैं. भक्तों के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनवरी कौन कहे, फरवरी तक में अयोध्या जानेवाली ट्रेन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन में आरक्षण उपलब्ध नहीं है. सारे बर्थ बुक हो चुके हैं. मार्च के प्रथम सप्ताह में जाकर रिजर्वेशन मिल रहा है.
श्रीराम की नगरी अयोध्या के लिए विशेषकर मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात दरभंगा से सीधी ट्रेन सेवा नहीं थी. दिसंबर के अंतिम सप्ताह में केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए अत्याधुनिक सुविधायुक्त अमृत भारत ट्रेन दी गयी. जनवरी से विधिवत इसका परिचालन आरंभ भी हो गया है. इस गाड़ी के मिलने से राम की नगरी अयोध्या से सीता की धरती का सीधा ट्रेन संपर्क स्थापित हो गया है.
अमृत भारत एक्सप्रेस कई मायने में खास है. इसे वंदे भारत ट्रेन का अगला जेनरेशन कहा जा रहा है. इस ट्रेन में दो इंजन हैं. एक खींचता है तो दूसरा पीछे से धक्का देता है, लिहाजा अन्य ट्रेनों की अपेक्षा यह गाड़ी काफी कम समय में गति पकड़ लेती है. वहीं रुकने के क्रम में बिना झटका दिये कम समय में रुक भी जाती है. इसके शौचालय आधुनिक तकनीकी से तैयार किये गये हैं. बर्थ पर कुशन लगाये गये हैं. मोबाइल चार्जिंग व विशेष लाइटिंग के अतिरिक्त भी कई सुविधाएं इसमें समाहित की गयी हैं.
15557 नंबर से अमृत भारत एक्सप्रेस दरभंगा से भाया कमतौल, सीतामढ़ी, रक्सौल, गोरखपुर सप्ताह में दो दिन अयोध्या के लिए प्रस्थान करती है. प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को इसका परिचालन यहां से होता है. इस ट्रेन में एसी कोच नहीं है. बस स्लीपर क्लास की बोगियां हैं. एक दिन में 310 से अधिक यात्रियों के आरक्षण की सुविधा है. शनिवार को मार्च के प्रथम सप्ताह तक यह ट्रेन सभी तिथियों में फुल थी. सात मार्च को इसमें आरक्षण मिल रहा है. रेलकर्मी व ऑनलाइन टिकट बुक करनेवाले एजेंट गणेश पूर्वे के अनुसार प्रत्येक तीसरा व्यक्ति अयोध्या के लिए आरक्षण कराने पहुंच रहा है. ठंड कम होने के बाद इसमें और वृद्धि की संभावना है.
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