बिहार के चर्चित आईएएस अफसर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) केके पाठक के अपने पद (सिर्फ एसीएस पद, नौकरी नहीं) से इस्तीफा देने की चर्चा जोरों पर है। केके पाठक 8 जनवरी से छुट्टी पर चल रहे हैं। पाठक के छुट्टी पर जाने के बाद दो दिन से एक सरकारी पत्र वायरल है जिसके आधार पर उनके पदत्याग की अटकलें लग रही हैं। समस्तीपुर टाउन मीडिया ने पत्र की सच्चाई और अगर वो सही है तो उसका क्या मतलब है, इस बात को समझने के लिए प्रशासनिक कामकाज के तौर-तरीकों के जानकार लोगों से बात की। उनका क्या कहना रहा, ये आगे बताएंगे। पहले ये जानिए कि चर्चा कैसे और क्यों शुरू हुई।
1990 बैच के आईएएस अफसर केके पाठक 8 जनवरी से स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर हैं। सरकार ने उनकी अनुपस्थिति में शिक्षा विभाग के सचिव वैद्यनाथ यादव को विभाग के संपूर्ण कार्यों के निष्पादन का कार्यभार सौंपा है। पाठक ने पहले 14 जनवरी 2024 तक का अवकाश लिया था लेकिन बाद में उसे दो दिन बढ़ाकर 16 जनवरी तक कर दिया है। पाठक ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उपार्जित अवकाश (Earned Leave) स्वीकृत कराया है। अपर मुख्य सचिव की छुट्टी के मद्देनजर शिक्षा विभाग के कार्य निष्पादन की जिम्मेदारी 2007 बैच के आईएएस अधिकारी वैद्यनाथ यादव को सौंपी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी की थी।
अब समझिए अटकल कैसे उड़ी। 13 जनवरी को शिक्षा विभाग का बड़ा कार्यक्रम है। बीपीएससी से शिक्षक भर्ती के दूसरे चरण को पास करने वाले लगभग 1.10 लाख सफल कैंडिडेट में 25 हजार को सीएम नीतीश कुमार पटना के गांधी मैदान में उस दिन नियुक्ति पत्र देने वाले हैं। बाकी कैंडिडेट को अलग-अलग जिलों में प्रभारी मंत्री ज्वाइनिंग लेटर देंगे। विभाग का बड़ा कार्यक्रम है तो कई फैसले लेने होंगे, कई आदेश भी जारी करने होंगे। विभाग के मुखिया केके पाठक रहेंगे नहीं तो कोई फैसला लेने की जरूरत हो तो सक्षम अफसर प्रभार में रहें, ये जरूरी है। जानकार लोगों का कहना है कि पाठक का एसीएस पद का प्रभार त्यागना एक औपचारिक प्रक्रिया है ताकि उस पद के फैसले लेने के लिए सरकार दूसरे को चार्ज दे सके।
इसलिए 9 जनवरी को सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें विधिवत पदभार छोड़ देने कहा ताकि छुट्टी के दौरान उनके पद के स्तर पर लिए जाने वाले फैसले बिना बाधा के हो सकें। जो पत्र वायरल है उसमें ऊपर लिखा भी है हिन्दी में- प्रभार प्रतिवेदन। इसका अंग्रेजी हुआ चार्ज। पाठक चूंकि 8-9 दिन की छुट्टी पर हैं इसलिए उनसे चार्ज लेकर किसी और अफसर को दिया गया है। लेकिन अटकल का सिर-पैर तो होता नहीं है। कभी दफ्तर से नेम प्लेट हटाने की बात तो कभी पद से इस्तीफे की बात उड़ती रही।
केके पाठक के पद से इस्तीफे की अटकलों पर राज्य सचिवालय सूत्रों ने कहा कि पाठक उपार्जित अवकाश पर हैं और उनका ट्रांसफर नहीं हुआ है। मतलब ये कि सरकार ने आगे कोई तबादला आदेश नहीं निकाला तो केके पाठक 17 जनवरी या जब भी छुट्टी से लौंटेगे उस दिन शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का पद संभाल लेंगे। नीचे देख लीजिए वो पत्र जिसके आधार पर पाठक के पद छोड़ने की अटकलबाजी शुरू हुई।
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