बिहार में शिक्षक नियुक्ति का तरीका अब बदला गया है. बिहार लोक सेवा आयोग(BPSC) अब शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन करती है. बिहार सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती के पहले फेज में 1.2 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. जबकि अब दूसरे फेज की परीक्षा भी दिसंबर महीने में आयोजित है. बीपीएससी द्वारा दूसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा सात से 15 दिसंबर तक ली जायेगी. कक्षा एक से 12 तक के लिए प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय , माध्यमिक विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए 1.20 लाख शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इस तरह दोनों फेज को मिलाकर प्रदेश में जब कुल नए शिक्षक आएंगे तो बिहार में शिक्षकों की संख्या 6 लाख से अधिक हो जाएगी.
शिक्षक नियुक्ति के दूसरे चरण में 636756 अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण करवाया है. इनके द्वारा 732478 आवेदन जमा किये गये. पंजीकरण करवाने वाले लोगों में कई ऐसे हैं, जिन्होंने एक से अधिक श्रेणियों प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में आवेदन किया है. यही वजह रही कि सब्मिट आवेदन की संख्या पंजीकरण से 95722 अधिक रही.
पहले दिन नौ दिसंबर को परीक्षा केंद्रो की संख्या सबसे अधिक होगी. इस दिन गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा ली जायेगी और प्रदेश के 28 जिलों के 662 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी. इसी तरह 10 दिसंबर को मध्य विद्यालय के अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत और उर्दू विषय की परीक्षा ली जायेगी और इस दिन पूरे प्रदेश में 552 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं.
बीपीएससी शिक्षक परीक्षा फेज टू में गया, अरवल, शिवहर, शेखपुरा, भभुआ, किशनगंज, अररिया, मधेपुरा और सुपौल में परीक्षा का सेंटर नहीं होगा. सात दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाली परीक्षा में अलग-अलग दिन परीक्षा केंद्रों की संख्या अलग-अलग होगी. मध्य विद्यालय के शिक्षक अभ्यर्थियों की संख्या सर्वाधिक है. इसके कारण अन्य सभी शिक्षक श्रेणियों की परीक्षा जहां केवल एक दिन में ली जायेगी, वहां मध्य विद्यालय (कक्षा 6 से 8) के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दो दिन परीक्षा ली जा रही है. इस दौरान परीक्षा केंद्रों की संख्या भी सर्वाधिक होगी.
बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा फेज 1 में बिहार के अलग-अलग जिलों व अन्य प्रदेशों से अभ्यर्थी पहुंचे थे. लाखों की तादाद में पहुंचे इन अभ्यर्थियों की वजह से एकतरफ जहां जिलों की ट्रैफिक व्यवस्था टाइट हुई थी तो वहीं बस व ट्रेनों में खचाखच भीड़ उमड़ी थी. एकबार फिर से वहीं नजारा देखने को मिल सकता है.
बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा सात से 15 दिसंबर तक चलेगी. इसके साथ ही यूजीसी नेट की परीक्षा छह से 14 दिसंबर तक दो पालियों में होगी. कई परीक्षार्थियों की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा व नेट की तिथि टकरा रही है. परीक्षार्थी नेट परीक्षा छोड़ने का मन बना चुके हैं. अभ्यर्थियों ने कहा कि यूजीसी नेट साल में दो बार आयोजित होता है, इस कारण इस परीक्षा में कभी भी शामिल हो सकते हैं. लेकिन शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी समस्या एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (इएमआरएस) में विभिन्न पदों पर आयोजित परीक्षा को लेकर है.
शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (इएमआरएस) में शिक्षण और गैर-शिक्षण शिक्षकों के 10,391 पदों के लिए 16 दिसंबर से परीक्षा शुरू हो रही है. इएमआरएस की परीक्षा 16 से 24 दिसंबर तक चलेगी. 16 को प्राचार्य व पीजीटी की परीक्षा दोनों पालियों में है. वहीं, 17 दिसंबर को हॉस्टल वार्डन और जूनियर असिस्टेंट के लिए परीक्षा होगी.
15 को बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा देकर दूसरे दिन 16 दिसंबर को इएमआरएस परीक्षा में शामिल होने से वंचित होना पड़ेगा. अभ्यर्थी सौरभ सिंह ने कहा कि बीपीएससी ने 16 की परीक्षा तिथि में बदलाव किया लेकिन 15 की तिथि भी बदलनी चाहिए थी. इसके साथ ही 16 के बाद 17 दिसंबर को भी कई परीक्षाएं होंगी. इस कारण 16 दिसंबर को दूसरे शहर में परीक्षा देकर पुन: 17 दिसंबर को दूसरे शहर पहुंचने में परेशानी होगी.
समस्तीपुर : नवरात्र के अवसर पर शहर के ताजपुर रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज शिव शक्ति भवन…
समस्तीपुर : सदर अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान 26 वर्षीय महिला की मौत…
समस्तीपुर : दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था…
समस्तीपुर : दुर्गा पूजा के सप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी एवं विजयादशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की…
समस्तीपुर : नगर निगम समस्तीपुर के नगर आयुक्त गौतम कुमार ने शुक्रवार को उत्क्रमित मध्य…
'जलने वाले जलते रहें, हम आगे बढ़ते रहेंगे. मैं गंदी नाली के कीड़ों पर ध्यान…