शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक पूर्णिया में जिस राजा पृथ्वी चंद्र लाल स्कूल का निरीक्षण करने 14 सितंबर को पहुंचे थे। उस स्कूल की जमीन 5 सितंबर को ही बेच दी गई थी। जमीन को फर्जी तरीके से खरीदने वाले कोई और नहीं, बल्कि इसी स्कूल के 2 पूर्व छात्र थें। राजा पृथ्वी चंद लाल के वंशज बनकर दलालों ने विद्यालय की 8 कट्ठा 14 धूर जमीन बेच दी थी। अब इस मामले में डीएम के निर्देश पर 12 घंटे के भीतर स्कूल के नाम से म्यूटेशन करा लिया गया है। पूर्णिया सिटी स्थित राजा पृथ्वीचंद्र उच्च विद्यालय की जमीन बेचने के मामले में ब्रोकर सहित छह लोगों पर सदर थाना में मंगलवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है।
420 का मामला दर्ज कराया
जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवनाथ रजक ने कहा कि स्कूल के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार यादव ने सदर थाना में आवेदन देकर विद्यालय की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में ब्रोकर पूर्णिया सिटी नाका निवासी मो .मंजूर आलम, जाफरीबाग के निवासी शाहबाज आलम, मीना अनिल गुप्ता, पहचान करने वाले सिटी के नवरतन चौक निवासी विकेश कुमार सिंह और गवाह बने चिमनी बाजार निवासी मो. कौशर आलम व मो. तौसिफ अख्तर के खिलाफ 420 का मामला दर्ज कराया है।
5 सितंबर को रजिस्ट्री हुई थी
जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवनाथ रजक ने कहा कि स्कूल के पूर्व के दो छात्र मो. मंजूर आलम और मो. शहवाज आलम थे। जिन्होंने स्कूल की जमीन फर्जी तरीके से खरीदी थी। इन दोनों छात्रों को स्कूल की जमीन की पूरी कहानी मालूम थी। वे दोनों इसी इलाके में रहते हैं। ब्रोकरों ने जिस स्कूल की जमीन को बेचा उसे दशकों पहले राजा पृथ्वीचंद्र ने दान में दी थी। ब्रोकरों ने 5 सितम्बर को स्कूल की जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली थी। वहीं, स्कूल की जमीन बेचे जाने की सूचना जैसे ही स्थानीय व स्कूल के प्रधानाध्यपक के कानों तक पहुंची सभी के होश ही उड़ गए।
1959 में राजा पृथ्वीचंद्र ने जमीन दान दी थी
स्कूल के प्रधानाध्यपक अशोक कुमार यादव ने बताया कि सिटी स्थित जमीन को 1959 में राजा पृथ्वीचंद्र ने विद्यालय को दान में दी थी। स्कूल की जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज डीएम कुंदन कुमार को सौंपे गए हैं। स्कूल की 8 कट्टा 14 धुर जमीन को ब्रोकरों ने बेच डाली थी। इस जमीन की बिक्री मीना अनिल गुप्ता ने पूर्णिया सिटी के मो. मंजूर आलम से बेच डाला था। सदर थाना में मामला दर्ज होने के बाद जमीन ब्रोकरों में खलबली मची है।
सभी घर छोड़कर फरार हैं
वहीं इस मामले पर डीएम कुंदन कुमार के सख्त तेवर और कड़े एक्शन के बाद से स्कूल की जमीन खरीदने और बेचने वालों के अलावा पहचानकर्ता व गवाह सभी घर छोड़कर फरार हैं।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर की चर्चाएं तेज हो गई हैं।…
बिहार विधान परिषद में बहाल 10 निम्नवर्गीय लिपिक एवं 33 डाटा इंट्री ऑपरेटरों के दक्षता(स्किल…
Bihar DEO-DPO Transfer: बिहार में शिक्षा विभाग की कमान संभालने के बाद अपर मुख्य सचिव…
समस्तीपुर : ट्रेनों को बिना उचित कारण चेन पुलिंग कर बीच रास्ते में रोकने वालों…
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक बार फिर लूट…
समस्तीपुर : शहर की लाइफ-लाइन ओवरब्रिज (ROB) पर स्ट्रीट लाइट लगाने की कवायद तेज हो…