Bihar

BPSC साक्षात्कार में बदलाव: 30 से कम व 80 से ज्यादा अंक देने पर बोर्ड को देना होगा जवाब

बिहार लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा की परीक्षा को लेकर सोमवार को बड़ा बदलाव किया। इसके तहत अब साक्षात्कार बोर्ड को साक्षात्कार में दिए गए अंकों के बारे में लिखित जानकारी देनी होगी। जिन अभ्यर्थियों को 30 प्रतिशत से कम या फिर 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर दिए जाएंगे, उसे देने का कारण भी बताना होगा। यह जानकारी सोमवार को प्रेस वार्ता में बीपीएससी के चेयरमैन अतुल प्रसाद ने दी।

68वीं मेंस परीक्षा तिथि में भी किया गया बदलाव

चेयरमैन ने बताया कि ज्यादातर अभ्यर्थियों की यह परेशानी थी कि 68वीं मुख्य परीक्षा की परीक्षा तिथि और अन्य बोर्ड की परीक्षा तिथि मिल रही थी। इस कारण इसकी परीक्षा तिथि में बदलाव किया गया है। 12 मई 2023 को जीएस-1 की परीक्षा होगी। इसके बाद 17 मई को जीएस-2 पहली पाली में और दूसरी पाली में हिंदी विषय की परीक्षा होगी। वहीं 18 मई को पहली पाली में निबंध और दूसरी पाली में ऑप्शनल विषय की परीक्षा होगी। बता दें कि पहले बीपीएससी 68वीं की परीक्षा 12 से 15 मई तक होना था।

अब कंबाइंड होगी बीपीएससी-पीटी, 69वीं से लागू होगा नया सिस्टम

बीपीएससी की 69वीं प्रारंभिक परीक्षा में भी सुधार की घोषणा की गई है। अतुल प्रसाद ने बताया कि 69वीं पीटी को कंबाइंड परीक्षा के रूप में कराया जाएगा। अब बिहार पुलिस सेवा, प्रशासनिक सेवा के साथ आयोग के स्तर पर अलग-अलग ली जाने वाली परीक्षाओं को भी एकसाथ पीटी के तौर पर लिया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों से रिक्त पदों की संख्या मांगी गई है। हर सेवा की परीक्षाओं के लिए अलग-अलग कटऑफ निर्धारित किये जाएंगे। कैलेंडर के अनुसार 69वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सितंबर 2023 में संभावित है।

एक समान अंक प्राप्त होने पर निबंध के अंकों पर टाई ब्रेकर

बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि अब नए बदलाव के तहत निबंध के अंकों के आधार पर टाई ब्रेक होगा। पहले ऑप्शनल पेपर के अंक पर टाई बेकर होता था। इसके अलावा अभ्यार्थियों की ओर से पहली बार आंसर की आपत्ति पर एक रुपये भी नहीं देने होंगे। वहीं अगर किसी भी प्रश्न पर दुबारा आपत्ति करते हैं तो प्रति प्रश्न के 500 रुपये देने होंगे।

मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस पर उठाए थे सवाल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थापना दिवस के मौके पर कहा था कि ऐसा देखने को मिला है कि वैसे अभ्यर्थी जिन्हें लिखित परीक्षा में अच्छे अंक मिलते हैं पर साक्षात्कार में उन्हें कम अंक प्राप्त होते हैं। ऐसी स्थिति आखिर क्यों उत्पन्न होती। इसपर आयोग को सोचना चाहिए। इसी के बाद आयोग ने बड़ा बदलाव किया है।

Avinash Roy

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