Bihar

‘ये बिहार है न, ये भारत है न जी’, किसान समागम में अंंग्रेजी बोलने पर भड़के सीएम नीतीश कुमार

बिहार के किसानों से राय लेकर चौथे कृषि रोडमैप तैयार करने के लिए मंगलवार को किसान समागम का आयोजन हुआ. बापू सभागार में किसान अपना-अपना सुझाव दे रहे थे. इस दौरान बीच-बीच में अंग्रेजी शब्द का प्रयोग कर रहे थे. किसानों द्वारा बीच-बीच में अंग्रेजी का इस्तेमाल सुनकर सीएम नीतीश कुमार भड़क उठे. नीतीश कुमार ने बैठे-बैठे ही माइक पर सबकी क्लास लगा दी. सीएम नीतीश ने कहा कि अंग्रेजी शब्द का प्रयोग करते हैं? यह हो क्या गया है… अपने राज्य और देश की भाषा हिंदी शब्द को भूल जाइएगा? हमको तो आश्चर्य लग रहा है….आप खेती करते हैं न जी…? खेती तो आम आदमी करता है न जी?

नीतीश ने आगे कहा कि आपको यहां बुलाया गया सुझाव देने के लिए, आप आधा अंग्रेजी बोल रहे हैं. यह भारत है न जी, यह बिहार है न जी, हम देख रहे हैं. आजकल सारा लोग अब मोबाइल पर देख रहा है. सब अपनी पुरानी भाषा को भूल रहा है, पुरानी चीज को भूल रहा है. इसलिए जरा ठीक से बोलिए, अपनी भाषा में बोलिए. हर चीज में अंग्रेजी घुसा दे रहे हैं. यह ठीक नहीं है. इस बैठक में खास बात यह रही कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव करीब दो घंटे देरी से कार्यक्रम में पहुंचे.

जहां अंग्रेजी बोलना हो वहां पर बोलिए

नीतीश कुमार ने कहा कि आप गवर्नमेंट का स्कीम बोल रहे, सरकार की योजना क्यों नहीं बोलते? बोल रहे प्रोवाइड किया जाएगा, उपलब्ध कराया जाएगा यह नहीं बोल रहे? आप लोगों को मालूम है न ? हम इंजीनियरिंग पढ़े हैं. अंग्रेजी में ही पढ़ाई होती थी. यह अलग चीज है. जहां पढ़ना-पढ़ाना है वहां बोलिए. हम राजनीति करते हैं. कहां अंग्रेजी बोलते हैं? जहां अंग्रेजी बोलना हो वहां पर बोलिए. अपने राज्य और अपने लोगों के बीच क्या जरूरत है अंग्रेजी बोलने की?

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि हम महिलाओं को भी देख रहे हैं, अंग्रेजी घुसा दे रही हैं. हम अधिकारियों से कहेंगे कि इस बात को देखिए. वैसे शब्दों का प्रयोग मत करवाइए. यहां अंग्रेजी शब्द का प्रयोग कर दे रहे हैं. वहां कर दे रहे हैं. अंग्रेजी शब्द का प्रयोग मत करिए. जो मौलिक चीज है उस चीज को कायम रखिए. बीच-बीच में जो नया-नया चीज दिख रहा है. हम आप लोगों को बता दे रहे हैं. आजकल सब लोग मोबाइल पर ही हो गए हैं. यह बात आप लोग जान लीजिए कि अब मुश्किल है कि 100 साल धरती बचें. हम चाहते हैं कि लोग ठीक-ठाक से रहें. किसी को अंग्रेजी बोलना है बोलिए, हिंदी बोलना है वह लोग बोलें, स्थानीय भाषा में बोलना है अलग बोलें, सब को एक ही में मत घुसा दें. क्या मतलब है इसका.

मुख्यमंत्री ने पूछा कि सिर्फ एक ही भाषा है अंग्रेजी? जिस ने राज किया था हिंदुस्तान पर…. मेरा सुझाव है… मानना है तो ठीक है, न मानना हो मत मानिए. जो मन करे वही करिए. हमको क्या है… हम जब तक हैं, तब तक आप के हित में काम करते रहेंगे. जो मन करे वही करते रहिए. हम क्या करें.

Avinash Roy

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