बिहार के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न संस्थानों में पांच वर्षों से अधिक अवधि से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित 81 डॉक्टरों को शुक्रवार को कैबिनेट ने बर्खास्त किया। ऐसे बाकी बचे सैकड़ों डॉक्टरों पर भी कार्रवाई जारी है। कर्तव्य में कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टर भगवान का रूप होते है। उन्हें तन-मन से सेवा करनी चाहिए ना कि अनधिकृत रूप से गायब रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विगत पांच वर्षों से अधिक समय तक बिहार का यही स्वास्थ्य विभाग बीजेपी के ज़िम्मे था। राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अनधिकृत रूप से 705 चिकित्सक अनुपस्थित थे। 14 सितंबर, 2022 को प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन सभी चिकित्सकों से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। उनमें से 404 चिकित्सा पदाधिकारियों की ओर से स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया।
विभाग ने दुबारा चार नवंबर, 2022 को प्रेस विज्ञप्ति से स्पष्टीकरण की मांग की। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि 64 चिकित्सक पांच वर्षों से अधिक समय से लगातार अनधिकृत तौर पर अनुपस्थित हैं। इसलिए इन चिकित्सकों को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट के निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी।
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