Bihar

बिहार के इस गांव में सभी को मिलेगी मुफ्त रसोई गैस, बदले में देना होगा गोबर और जैविक कचरा

बिहार के गया जिले के बोधगया प्रखंड के बतसपुर गांव की सूरत निकट भविष्य में बदलने वाली है. बतसपुर गांव को लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत गोबरधन योजना के लिए चयनित किया गया है. स्वच्छ बिहार अभियान फेज 2 के तहत गांव के घरो में पाइपलाइन से मुफ्त रसोई गैस मिलेगी. बदले में किसानों को अपने गाय-भैस का गोबर और कचरा देना होगा. खेतों की पराली और अन्य बेकार की चीजें भी सौंपनी होगी. पराली जलाने की समस्या सरकार के लिए सिरदर्द बन चुकी है. ऐसे में इस योजना के तहत पराली और गोबर से बायोगैस बनेगी.

50 लाख की लागत से बनी है यह योजना: 

दरअसल बतसपुर गांव को लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज-2 के तहत गोबरधन योजना के लिए चयनित किया गया है. जिसके लिए पिछले 7 नबंवर को राज्य के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत के द्वारा भूमिपूजन किया गया था. लगभग 50 लाख की लागत की यह योजना ग्रामीणों के लिए अपार सहूलियत लेकर आने वाली है. फिलहाल गांव के बाहर चैंबर का निर्माण हो रहा है. इसके बाद पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू होगा.

प्रथम चरण में 50 घरों तक कुकिंग गैस पहुंचाने की तैयारी: 

इस संबंध में स्थानीय उप मुखिया मनोरंजन प्रसाद समदर्शी बताते हैं कि गया जिला का यह पहला गांव होगा, जहां के लोगों को गोबर के बदले बायोगैस के रूप मे कुकिंग गैस उनके घरों तक आपूर्ति की जाएगी. गोबर और जैविक कचरे से बायोगैस का निर्माण होगा. उसके बाद चैंबर से निकलने वाले वेस्ट मटेरियल को जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जो किसान गोबर उपलब्ध कराएंगे उन्हें रसोई गैस निशुल्क दी जाएगी, लेकिन जो किसान गोबर नहीं देंगे उन्हें आधे दाम में कुकिंग गैस दी जाएगी. जिससे उनको फायदा होगा. लेकिन सबसे बड़ी निजात पराली से मिलने वाली है.

पराली जलाने की समस्या का निराकरण:

आज पराली सबसे बड़ी समस्या हो गई है. यहां पर पराली और कृषि अपशिष्ट को मिलाकर बायोगैस का निर्माण होगा और किसानों को उनके घर तक कुकिंग गैस पहुंचाई जाएगी. प्रथम चरण में 50 घरों तक कुकिंग गैस पहुंचाने को लेकर योजना तैयार हो गई है आने वाले समय में बतसपुर गांव के सभी साढ़े 5 सौ घरों को कुकिंग गैस उपलब्ध कराई जाएगी. इस योजना पर लगभग 50 लाख की राशि खर्च हो रही है.

“अब किसानों को जहां-तहां गोबर फेंकने की जरूरत नहीं है. किसानों को हम लोग डस्टबिन उपलब्ध कराएंगे. वहीं पर गोबर को इकट्ठा किया जाएगा. साथ ही पराली को भी हमलोग लेंगे. इसके बाद गोबर को किसानों से खरीद कर बायोगैस का निर्माण किया जाएगा और बदले में उनके घरों तक कुकिंग गैस पहुंचाई जाएगी. उन्होंने कहा कि गया में बतसपुर गांव में एकमात्र इस योजना का कार्य चल रहा है. इसके अलावा अन्य जिलों में भी शुभारंभ किया गया है. आने वाले समय में बिहार के सभी 38 जिलों में यह योजना शुरू की जाएगी. इसका सबसे बड़ा लाभ किसानों को गोबर और पराली से तैयार बायोगैस एवं जैविक खाद के रूप में मिलेगी.” :- मिलन पासवान, सुपरवाइजर

Avinash Roy

Recent Posts

समस्तीपुर के चर्चित शिक्षण संस्थान Educators का नीट 2026 में शानदार प्रदर्शन

समस्तीपुर : शहर के काशीपुर स्थित आईआईटी और मेडिकल की तैयारी कराने वाली कोचिंग एजुकेटर्स…

58 मिनट ago

ईशांत ह’त्याकांड पर पप्पू यादव का सरकार पर हमला, बोले- दोषियों को फांसी मिले, परिवार को 50 लाख मुआवजा

समस्तीपुर/विद्यापतिनगर [पद्माकर सिंह लाला] : बहुचर्चित ईशांत कुमार उर्फ छोटू हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को…

2 घंटे ago

समस्तीपुर में ABVP के भगिनी निवेदिता व्यक्तित्व विकास शिविर का भव्य समापन

समस्तीपुर : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित भगिनी निवेदिता व्यक्तित्व विकास शिविर…

3 घंटे ago

समस्तीपुर के चार विभिन्न फर्मों पर सेल्स टैक्स विभाग ने लगाया 4 करोड़ 48 लाख का पेनाल्टी

समस्तीपुर : शहर के चार विभिन्न फर्मों पर लगभग साढ़ चार करोड़ रूपये पेनाल्टी लगाया…

10 घंटे ago

मोरसंड से स्कूल छोड़ फरार हुए तीनों छात्र एक दिन बाद सिंघिया घाट से हुए बरामद, मैदान में गुजारी रात

समस्तीपुर/पूसा : पीएम श्री किसान उच्च माध्यमिक विधालय, मोरसंड के 9वीं कक्षा के 3 छात्र…

13 घंटे ago

समस्तीपुर न्यायाधीश आवासीय परिसर में 12 नए न्यायिक आवासों का उद्घाटन

समस्तीपुर : समस्तीपुर न्यायाधीश आवासीय परिसर में नवनिर्मित 12 न्यायिक पदाधिकारियों के आवास (पीओ क्वार्टर)…

14 घंटे ago