बिहार में पूर्व उपमुख्यमंत्रियों समेत बीजेपी नेताओं को सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस पर सियासत गर्मा गई है। पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के दबाव में आकर बदले दी राजनीति कर रहे हैं। नीतीश सरकार बंगला खाली करने का नोटिस थमाकर बीजेपी नेताओं से भारी भरकम जुर्माना वसूलना चाहती है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो सीएम नीतीश सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे के मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करे।
बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने रविवार को कहा कि बीजेपी का कोई जनप्रतिनिधि किसी सरकारी आवास में तेजस्वी यादव की तरह जबरदस्ती नहीं रहना चाहता। साल 2017 में महागठबंधन सरकार गिरने के बाद तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 5, देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बावजूद बिना कोई अतिरिक्त भुगतान किए न केवल डेढ़ साल तक वहां बने रहे, बल्कि हाईकोर्ट में मुकदमा हारने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक गए। जिन बीजेपी नेताओं को आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है, पहले उनके नाम आवंटित आवास को खाली करा कर और उसे रहने लायक बना कर दिया जाना चाहिए।
बता दें कि नीतीश सरकार की ओर से पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी को आवास खाली करने के साथ 2 लाख 36 हजार रुपये के जुर्माने का नोटिस दिया है। पद से हटने के बाद बंगला नहीं खाली करने पर भारी जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा को भी ऐसा ही जुर्माना का नोटिस मिला है।
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