Bihar

बिहार के सभी विश्वविद्यालयों का सिलेबस बदलेगा, BPSC, UGC NET और UPSC परीक्षाओं के हिसाब से बनेगा

अगले सत्र से बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर सीबीसीएस ( CBCS – च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही बीआरए बिहार विश्वविद्यालय सहित सूबे के सभी विश्वविद्यालयों का सिलेबस बदल जाएगा। राज्य की उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. रेखा कुमारी ने बताया कि सूबे के विश्वविद्यालयों में नए सत्र में सीबीसीएस के तहत पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए सिलेबस में भी बदलाव किया जाएगा। सिलेबस बदलने की जिम्मेदारी राजभवन की है। इसके लिए अनुरोध पत्र राजभवन को भेज दिया गया है। राजभवन अब कुलपतियों की कमेटी बनाकर सिलेबस बदलने का काम पूरा करेगा। नया सिलेबस नेट, बीपीएससी और यूपीएससी की परीक्षाओं को देखते हुए बनाया जाएगा। इसके बाद राजभवन की ओर से विश्वविद्यालयों को स्नातक का नया सिलेबस भेजा जाएगा।

बिहार के उच्च शिक्षा सलाहकार प्रो. एनके अग्रवाल ने बताया कि विश्वविद्यालयों को अपने यहां 10 से 20 प्रतिशत चीजों कों जोड़ने की छूट रहेगी। नए सिलेबस में कई चीजें हटेंगी तो कुछ नए अध्याय जुड़ेंगे। नए बनने वाले सिलेबस में स्थानीय सामग्री भी जोड़ी जाएंगी। मसलन, हिंदी में मुजफ्फरपुर की कवि अनामिका और मदन कश्यप जैसे साहित्यकार की रचनाएं शामिल होंगी तो इतिहास में यहां के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पढ़ाया जाएगा।

22 वर्ष पुराना है सिलेबस 

विश्वविद्यालयों में स्नातक का सिलेबस 22 वर्ष पुराना है। बीआरए बिहार विवि के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सतीश कुमार राय ने बताया कि पीजी का सिलेबस तीन बाद बदला गया, लेकिन स्नातक के सिलेबस में इतने वर्षों में कोई बदलाव नहीं हुआ। पीजी का सिलेबस वर्ष 2002, वर्ष 2012 और फिर 2018 में बदला गया था। पीजी में वर्ष 2018 में सीबीसीएस लागू किया गया था।

पूरे बिहार के विश्वविद्यालय में रहेगा एक ही सिलेबस

प्रो. अग्रवाल ने बताया कि पूरे बिहार के विश्वविद्यालयों में अब एक ही सिलेबस रहेगा। यह सिलेबस पटना विवि के सिलेबस की तर्ज पर होगा। पटना विवि ने अपने यहां स्नातक में सीबीसीएस लागू कर दिया है। बताया कि वर्ष 2019 में भी स्नातक के लिए सिलेबस तैयार किया था जो अब भी राजभवन में लंबित है। नये सिलेबस में छह महीने के परीक्षा को देखते हुए सामग्री तैयार की जाएगी।

क्या होगा सीबीसीएस में

– बदलाव बाद कॉलेज लेंगे इंटरनल परीक्षा
– विश्वविद्यालय लेगा एक्सटरनल परीक्षा
– राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की स्वीकार्यता बढ़ेगी
– नई शिक्षा नीति के तहत छात्र-छात्राओं को मिलेगा फायदा

नंबर की जगह ग्रेड और क्रेडिट मिलेगा

च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) में छात्रों को नंबर की जगह ग्रेड और क्रेडिट दिया जाता है। छात्र अपने हिसाब से विषयों का चयन करते हैं। मसलन, हिंदी का विद्यार्थी अगर विज्ञान का विषय भी पढ़ना चाहे हैं तो वे इसका चयन का कक्षा कर सकते हैं। छात्र को उसके अटेंडेंस और क्रेडिट अंक मिलेंगे।

Avinash Roy

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